मानसिक रोगियों की दवा खत्म

मुजफ्फरपुर : सदर अस्पताल का मनोरोग विभाग जरूरी दवाओं की कमी से जूझ रहा है. डाॅक्टर पर्ची पर दवाएं तो लिख देते हैं, लेकिन काउंटर पर वह नहीं मिल रही. आलम यह है कि दवा नहीं मिलने पर मरीज बाहर से महंगी दवा खरीदने को मजबूर हैं. मानसिक रोगियों के बेहतर इलाज व काउंसेलिंग के […]

मुजफ्फरपुर : सदर अस्पताल का मनोरोग विभाग जरूरी दवाओं की कमी से जूझ रहा है. डाॅक्टर पर्ची पर दवाएं तो लिख देते हैं, लेकिन काउंटर पर वह नहीं मिल रही. आलम यह है कि दवा नहीं मिलने पर मरीज बाहर से महंगी दवा खरीदने को मजबूर हैं.
मानसिक रोगियों के बेहतर इलाज व काउंसेलिंग के लिए अस्पताल में डॉ एके झा डॉक्टर भी है. यहां हर दिन 40 से 50 मरीज मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं. हालांकि, इन मरीजों का दर्द विभाग दूर नहीं कर पा रहा है.
मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में मिर्गी, डिप्रेशन, सिजोफेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर व डिप्रेशन के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं. इन मरीजों को डाॅक्टर दवाओं की कमी होने से सिर्फ सलाह दे रहे हैं. सीएस शिवचंद्र भगत ने बताया कि दवाओं के लिए आॅर्डर भी भेजा गया, लेकिन आपूर्ति नहीं हुई. जल्द ही दवा उपलब्ध हो जायेगी.
बाजार से खरीद की नहीं मिल रही अनुमति: मनोरोग विभाग में दवाओं की कमी से अधिकारी अनजान नहीं हैं. हालांकि, वह बाजार से दवाओं की खरीद की अनुमति नहीं दे रहे हैं. नियम के तहत मेडिसिन की कमी होने पर एक लाख रुपये तक की खरीद की जा सकती है. हालांकि, न ही सीएस और न ही सीएमओ दवा खरीद की अनुमति दे रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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