मुजफ्फरपुर : जिले में 15 जनवरी से खसरा व रुबेला से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होना है, लेकिन पीएचसी स्तर पर अभी तक माइक्रोप्लान तैयार नहीं हुआ है. किस क्षेत्र में नौ माह से 15 वर्ष तक के कितने बच्चे हैं, इसकी जानकारी विभाग को नहीं है.
जिला प्रतिरक्षण विभाग व विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से गुरुवार को माइक्रोप्लान के साथ पीएचसी प्रभारियों की बैठक होनी थी, लेकिन बैठक में किसी भी पीएचसी से माइक्रोप्लान लेकर प्रभारी उपस्थित नहीं हुए. इस कारण बैठक में टीकाकरण अभियान के लिए टीमों का गठन नहीं हो सका.
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ आरपी सिंह ने सभी प्रभारियों व डाटा ऑपरेटर से कहा कि पहले माइक्रोप्लान तैयार करें, फिर बैठक होगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ आनंद ने कहा कि माइक्रोप्लान बहुत पहले तैयार हो जाना चाहिए था. अभी तक इसकी तैयारी नहीं होना दुखद है.
हड़ताल से अभियान पर संकट:
आशा व वैक्सीन कूरियर की हड़ताल के कारण अभियान के पूरा होने पर संशय है. आशा ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण नहीं होने दे रही हैं. अब वैक्सीन कूरियर ने भी हड़ताल कर टीकाकरण में बाधा उत्पन्न कर दी है.
कूरियरों के हड़ताल से जिला प्रतिरक्षण केंद्र से पीएचसी व आंगनबाड़ी सेंटरों पर वैक्सीन नहीं पहुंच पायेगा. हालांकि जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी व विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉक्टर यह मान रहे हैं कि अभियान में अभी 20-25 दिन शेष है. तबतक हड़ताल टूट जायेगी. हड़ताल जारी रहने पर स्वयंसेवी संस्थाओं से सहयोग लिया जायेगा.
19 लाख 25 हजार बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य
जिले में नौ माह से 15 वर्ष तक के 19 लाख 25 हजार बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 36 दिन का समय निर्धारित किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ आनंद ने कहा कि पहले चरण में सरकारी व निजी स्कूलों, मदरसों व कोचिंग संस्थानों में जाकर बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा.
इसके बाद आंगनबाड़ी सेंटरों पर कैंप लगा कर बच्चों का टीकाकरण होगा. इसके बाद क्लिनिकों व नर्सिंग होम में कैंप लगाया जायेगा. स्कूल में प्रत्येक 200 बच्चों पर एक एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका, आशा व स्वयंसेवियों को रखा गया है.
