मुजफ्फरपुर : महिला बंदी से सामूहिक दुष्कर्म की जांच करने शनिवार को राज्य महिला आयोग की टीम अध्यक्ष दिलमणी मिश्र के साथ एसकेएमसीएच पहुंची. अध्यक्ष ने वार्ड में भर्ती महिला कैदी के बिस्तर के पास और शौचालय को जाकर देखा. इसके बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ सुनील शाही के चेंबर में घटना की रात का सीसीटवी फुटेज देखा. टीम में आयोग की सदस्य नीलम साहनी, मंजू कुमारी, विनिता कुमारी शामिल थीं. उनके साथ संतोष
कुमार मिश्र और भाजपा नेता नीरज नयन मौजूद थे.
आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि टीम ने पीड़ित महिला से मिलकर बात की है. वह अपने बयान पर कायम है, लेकिन बार-बार अपना बयान बदल रही थी. डेढ़ घंटे तक जेल में
महिला कैदी से बातचीत की गयी. सीसीटीवी देखने के बाद घटना की पुष्टि नहीं हुई है.
कैदियों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ :
कैदी के सुरक्षा में लगे दोनों महिला सिपाही से बारी बारी पूछताछ की गयी. वहीं आरोपित दोनों सिपाही से भी पूछताछ हुई. सभी ने महिला कैदी के भागने के बाद पकड़ फिर अस्पताल में लाने की बात कही.
आरक्षी अर्चना कुमारी ने बताया कि मंगलवार की दो महिला कैदी अस्पताल से फरार हो गयी थी. उसे दीवार फांदने के दौरान पकड़ लिया गया. इसके बाद उसके पर एक और केस होने की बात कही. इस पर उसने सभी पुलिस पर ही केस करने की धमकी दी.
नहीं लगायी जाती थी हथकड़ी
महिला सिपाही ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद महिला कैदी को दिन में हथकड़ी नहीं लगायी जाती थी. रात को उसे हथकड़ी लगायी जाती थी. हालांकि अस्पताल से भागने की घटना के बाद उसे दिन में भी हथकड़ी लगाया जाने लगा था.
महिला आयोग के सामने पीड़िता ने बार-बार बदला बयान
महिला से सामूहिक दुष्कर्म की जांच को एसकेएमसीएच पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष
अस्पताल के वार्ड, शौचालय व सीसीटीवी फुटेज को देखा
महिला कैदी की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी से भी की पूछताछ
