मुजफ्फरपुर : बालिका गृह से गायब लड़की की तलाश में बुधवार को सिकंदरपुर श्मशान घाट के पास खुदाई की गयी. जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर के पूर्व चालक विजय तिवारी की निशानदेही पर सीबीआई ने कंकाल बरामद की है. कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है. मौके पर एफएसएल की टीम भी मौजूद थी. इसके पूर्व सिकंदरपुर स्थित श्मशान घाट में दोपहर पौने दो बजे से मजिस्ट्रेट की निगरानी में खुदाई शुरू की गयी.
ढाई घंटे तक चली खुदाई में खोपड़ी, हाथ की हड्डी सहित अन्य अंग के अवशेष बरामद हुए. सीबीआइ उसे साक्ष्य के तौर पर ले गयी है. फॉरेंसिक जांच के बाद ही कुछ खुलासा होने की बात सीबीआइ के अधिकारी कह रहे हैं. खुदाई के समय एसकेएमसीएच के डॉक्टर विजय प्रसाद और डॉ कुणाल अनिमेष भी मौजूद थे.
नगर निगम से मांगी गयी थी बॉबकट मशीन. 11 बजे से ही सीबीआइ के करीब एक दर्जन अधिकारी मजिस्ट्रेट के साथ सिकंदरपुर स्थित श्मशान घाट पहुंच गये थे. पूरे मामले को गोपनीय रखा गया था. निगम से मजदूर और बॉबकट मशीन मंगायी गयी थी.
रेप का साक्ष्य ढूंढने एसकेएमसीएच पहुंची सीबीआई
सीबीआई की दूसरी टीम पूरे दिन एसकेएमसीएच में जांच करती रही. जिस लड़की के शव का कंकाल श्मशान घाट से बरामद किया गया है, उसके साथ रेप की आशंका भी जतायी गयी है. दो सदस्यीय टीम पोस्टमार्टम विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट लेने के साथ पूछताछ की. 26 अगस्त, 2017 को शव का पोस्टमार्टम किया गया था. सीबीआई अधिकारी थोड़ी देर के लिए अहियापुर थाने पर भी गये थे.
बालिका गृह परिसर में हुई थी खुदाई
बालिका गृह की बच्ची का शव बरामद करने के लिए परिसर में खुदाई हो चुकी है.तत्कालीन एसएसपी हरप्रीत कौर ने 23 जुलाई को अपनी निगरानी में खुदाई करायी थी. लेकिन कुछ बरामद नहीं हो पाया था. सीबीआई ने भी केस का चार्ज लेने के बाद परिसर में दुबारा खुदाई के लिए मशीन मंगाया था. लेकिन खुदाई नहीं हो पायी थी.
विजय बोला- ब्रजेश के कहने पर लगाया ठिकाने
ब्रजेश ठाकुर के चालक रहे विजय तिवारी ने रिमांड के दौरान खुलासा किया था कि बालिका गृह में एक बच्ची की मौत हो गयी थी. उसने ही ब्रजेश के इशारे पर शव को सिकंदरपुर घाट पर दफना दिया था. 17 दिनों से सीबीआइ विजय को रिमांड पर रख कर पूछताछ कर रही है. पूछताछ में उसने इस कांड से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाया है. मशीन में सफाई करने वाले गुड्डू ने भी कई बातों की अहम जानकारी सीबीआई को दी है.
रोजी रानी समेत तीन की आज पेशी
बालिका गृह कांड में गिरफ्तार जिला बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी समेत तीन आरोपितों की रिमांड अवधि गुरुवार को पूरी हो जायेगी. सीबीआई तीनों को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेश करेगी. पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आयी है. रिमांड नहीं मांगे जाने पर कोर्ट तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज सकती है.
