मुजफ्फरपुर : बालिका गृह की बच्चियों ने टिस की कोशिश टीम को बड़े सर के खौफ से बचाने की गुहार लगायी थी. नवंबर माह में कोशिश के स्टेट कॉर्डिनेटर कायम मासूमी, सुनीता विश्वास व आसिफ इकबाल बालिका गृह आये थे. यहां पर डरी सहमी बच्चियों ने टीम के सदस्यों से अनुराेध किया था कि हमारे साथ शोषण किया जाता है.
ऊपर तक बात पहुंचाइए. हमें यहां से मुक्त कराइए. इस बात का खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है. मुजफ्फरपुर जंक्शन से बरामद एक लड़की ने बताया था कि ब्रजेश ने जब उसकी इज्जत से खिलवाड़ करने की कोशिश की तो वह ऊपर के कमरे में भाग शोर मचाने लगी थी. उसके बाद उसे नशे की दवा दी जाने लगी थी. एक दूसरी बच्ची ने कहा था कि हेड सर से वह बच कर भाग गयी थी.
टीम के सदस्यों ने जब निरीक्षण करने वाले अधिकारियों से शिकायत करने के संबंध में सवाल पूछे ताे बच्चियों ने कहा कि रौशन सर व विकास सर भी उनके साथ गलत काम करते हैं. यह सुन तीनों सदस्य चौंक गये थे. हालांकि बाद में महिला पुलिस मधुबनी जाकर जब बच्चियों का बयान दर्ज की तो एक बच्ची ने फोटो देख कर रवि रौशन, विकास व सीडबल्यूसी के अध्यक्ष दिलीप वर्मा की पहचान की थी. दिलीप प्रत्येक मंगलवार को वहां पहुंचता था.
सनहा नहीं करने पर पहले भी निलंबित हो चुके हैं जितेंद्र प्रसाद : पूर्व नगर थानेदार जितेंद्र प्रसाद पर सनहा दर्ज करने में लापरवाही बरतने के मामले में गाज गिरना तय है. वह चार साल पूर्व सिकंदरपुर स्थित रिमांड होम से फरार किशोर का सनहा दर्ज नहीं करने के मामले में पहले भी निलंबित हो चुके हैं. मोतिहारी जिले का किशोर रिमांड होम से फरार हो गया था. खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दिया था. तत्कालीन एसएसपी सौरभ कुमार ने जितेंद्र प्रसाद के खिलाफ तिरहुत रेंज के डीआइजी को रिपोर्ट की थी. जितेंद्र उस समय हाजीपुर में नगर थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे. डीआइजी ने उन्हें निलंबित कर दिया था.
कौन है संस्था का सचिव : जांच रिपोर्ट में संस्था का सचिव रमेश ठाकुर के बारे में नगर डीएसपी ने आइओ को जांच का निर्देश दिया है. समाज कल्याण विभाग से एग्रीमेंट में रमेश का ही नाम है. डीएसपी ने ब्रजेश ठाकुर के घर के नौकर का फोटो प्राप्त कर छानबीन करने का निर्देश दिया है.
