मुजफ्फरपुर. पटना गांधी सेतु से पार्सल वैन में रखे कपड़े के गठिया से जब्त 172 पीस सोना के बिस्कुट (करीब 30 किलो) मामले की रिपोर्ट मुजफ्फरपुर डीआरआइ ने अपने मुख्यालय को भेजी है. इसमें जब्ती से संबंधित पूरी जानकारी दी है. बताया है कि यह बिस्कुट विदेशी मूल का है. इसकी अनुमानित मूल्य 15 करोड़ से अधिक आंकी गयी है. साथ ही सोना का बिस्किट कहां से आया और कहां इसकी डिलिवरी होने वाली थी. इसकी भी जानकारी दी है.
DRI की टीम जांच में जुटी
डीआरआइ सूत्रों की माने तो तस्कर ने कुरियर से कपड़ा का गठिया बुक कराया था. जिसे असम के गुवाहाटी में बुक किया गया था. इसकी डिलिवरी मुंबई में करनी थी. गठिया में एक थैली में रखकर सोने के बिस्कुट को छिपाया गया था. डीआरआइ की टीम कौन इसे बुक कराया था. साथ ही इसे रिसिव कौन करता. इसकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है.
म्यांमार से आया था मिजोरम
सूत्रों की माने तो जब्त सोने का बिस्किट म्यांमार ओरिजिन का बताया गया है. हालांकि, जांच के दौरान विशेष लैब में इसकी जांच की जाती है. बताया जाता है कि म्यांमार का सोना भारतीय मुद्रा के अनुपात में काफी कम दर पर उपलब्ध हो जाता है. इससे तस्कर इसका इस्तेमाल करते है. इससे आभूषण कारोबारियों को कम लागत में अधिक मुनाफा भी मिलता है. बताया जाता है कि यह सोना टिकाऊ नहीं होता है.
पूर्व में पकड़ा जा चुका है मुजफ्फरपुर में सोना-चांदी का खेप
मुजफ्फरपुर डीआरआइ इससे पूर्व विदेशी मूल का सोना और चांदी पूर्व में भी जब्त कर चुकी है. हाल में ही जंक्शन पर अवध असम एक्सप्रेस से सोने का बिस्किट बरामद किया था. इससे काफी जानकारी डीआरआइ को मिली थी. बताया जाता है कि इसके ही निशानदेही पर आगे ऑपरेशन रश चलाया गया. मुजफ्फरपुर डीआरआइ मनियारी टॉल प्लाजा से चांदी का बुंदी भी पकड़ चुकी है. इसे कार से कोलकता ले जाया जा रहा था.
