मुंगेर. विधिज्ञ संघ मुंगेर में मूलभूत सुविधाओं की कमी से महिला अधिवक्ता परेशान हैं, जबकि मुंगेर विधिज्ञ संघ के महिला शाखा भवन के लिए जमीन भी आवंटित हुई और इसका शिलान्यास वर्ष 1997 में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शशांक कुमार सिंह द्वारा किया गया. बावजूद अबतक महिला शाखा का भवन नहीं बन सका है. अब स्थिति यह है कि चिन्हित स्थल का अतिक्रमण कर लिया गया है और उसे मोटर साइकिल स्टैंड बना दिया गया है. यहां तक कई अधिवक्ताओं ने अपना चैंबर तक बना लिया है.
महिला शाखा भवन नहीं बनने से अधिवक्ताओं में है नाराजगी
मुंगेर न्यायालय परिसर में कार्यरत महिला अधिवक्ताओं ने महिला प्रकोष्ठ के लिए आवंटित भूमि पर अबतक भवन निर्माण नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि वर्ष 1997 में शिलान्यास होने के बावजूद आजतक महिला प्रकोष्ठ का भवन तक नहीं बनाया गया है. और तो और चयनित स्थल पर कई अधिवक्ता चैंबर बनाकर कार्यालय संचालित कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर चयनित स्थल का मोटर साइकिल स्टैंड का उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में महिलाओं अधिवक्ताओं को बैठने, फाइल रखने एवं मुअक्किलों से गोपनीय बातचीत करने तक की कोई व्यवस्था नहीं है.
