तारापुर. मोंथा चक्रवात के कारण तीन दिनों से हो रही बारिश ने तारापुर प्रखंड के किसानों के धान की फसल बर्बाद कर दी है. वहीं खेतों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, जिससे धान की फसल गलने लगी है. जिसके कारण अब क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर मासूयी छा गयी है. किसान सुधीर चौधरी, कृष्णानंद चौधरी, नीलू तांती, सुबोध चौधरी, सत्यदेव सिंह, चंदर सिंह, राकेश, बेबी चौधरी, अजय चौधरी, चंद्रभूषण कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बारिश ने उनकी कमर तोड़ दी है. धान की फसल पक कर तैयार थी, लेकिन बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गयी है. किसानों ने सरकार से मुआवजा की मांग की. उन्होंने बताया कि प्रखंड के धौनी,लौना,पडभाड़ा, बिहमा, हरपुर गांव में डांड़ की सफाई में ठेकेदार की लापरवाही से खेतों में जलजमाव हो गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ जमीन में पानी भरने से धान की फसल गल रही है. धान की फसल के लिए जो बैंक से लोन लिया है, अब उसकी अदायगी कैसे होगी, यह किसानों के लिए बड़ी परेशानी है. उन्होंने कहा कि अबतक सरकार द्वारा भी किसानों की सहायता के लिए कोई काम नहीं किया गया है, जबकि प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह उदासीन बना है, जिससे अब किसान अपनी फसल को लेकर पूरी तरह हताश हो गये हैं.
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