सदर अस्पताल में सर्जन की समस्या बरकरार, योगदान व विरमित का चल रहा खेल

मुंगेर सदर अस्पताल में सर्जन का टोटा समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है

योगदान देने के बाद ही उच्च शिक्षा के लिये विरमित हुये सर्जन डॉ मुख्तार नवेद मुंगेर मुंगेर सदर अस्पताल में सर्जन का टोटा समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते दिनों सरकार से सर्जन के रूप में सदर अस्पताल में नियुक्त हुए जनरल सर्जन चिकित्सक डॉ मुख्तार नवेद योगदान देने के बाद ही आगे की पढ़ाई के लिये जेएलएनएमसीएच चले गये हैं. बता दें कि बीते दिनों सदर अस्पताल में सरकार द्वारा जनरल सर्जन के रूप में डॉ मुख्तार नवेद की नियुक्ति की. जिनके द्वारा 18 मार्च को योगदान दिया गया, लेकिन विभागीय निर्देशानुसार ही आगे की पढ़ाई के लिये उन्हें विरमित कर दिया गया. सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि सर्जन डॉ मुख्तार नवेद योगदान देने के बाद विभागीय निर्देशानुसार आगे की पढ़ाई के लिये जेएलएनएमसीएच के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में चले गये हैं. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में सर्जन की कमी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरहरा में नियुक्त जनरल सर्जन डॉ रॉबिन कुमार को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त करने के लिये जिलाधिकारी को लिखा गया है. जबकि सदर प्रखंड में नियुक्त महिला सर्जन डॉ स्मृति सिंह को भी सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त करने के लिये लिखा गया है, ताकि सदर अस्पताल में मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा मिल सके. जिलाधिकारी से स्वीकृति मिलने के बाद दोनों सर्जन की ड्यूटी सदर अस्पताल में लगायी जायेगी. बता दें कि वर्तमान में जिले में तीन सर्जन है. जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तारापुर में जनरल सर्जन के रूप में डॉ हिमांशु राज है. जबकि अनुमंडल अस्पताल, हवेली खड़गपुर में जनरल सर्जन डॉ नीतीश कुमार है. वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरहरा में सर्जन डॉ रॉबिन कुमार है. हलांकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते दिनों जनरल सर्जन के रूप में डॉ आनंद कुमार ने योगदान दिया था, लेकिन वे योगदान देने के बाद उच्च शिक्षा के लिये विरमित हो गये हैं.

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By AMIT JHA

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