पंचकल्याणक यज्ञ से बुझेगी देश व दुनियां की आग: आचार्य प्रमुख सागर

जिसमें देश भर के जैन समाज संत व अनुयाई भाग ले रहे हैं.

पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह का विधिवत शुभारंभ, भाग ले रहे सैकड़ो संत मुंगेर जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापन को लेकर नगर भवन में पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया गया. प्रातः काल नित्याभिषेक पूजन, महायाग मंडल आराधना किया गया. पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के सैकड़ों महिलाएं व पुरुष भाग ले रहे हैं. इसे लेकर नगर भवन मुंगेर को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया-संवारा गया है. जिसमें देश भर के जैन समाज संत व अनुयाई भाग ले रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अपने आध्यात्मिक प्रवचन में दिगंबर जैनमुनि आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज ने कहा कि चतुर्दिक जल रहे देश व दुनियां की आग पंचकल्याणक यज्ञ से बुझेगी. उन्होंने कहा कि तैंतीस हजार वर्ष देवताओं की आयु होती है. इतने वर्षों के बाद देवता भोजन करते हैं. पहला पंचकल्याणक यज्ञ आचार्य भरत चक्रवर्ती ने किया था. उन्होंने कहा कि कल्याणक के पहले क का अर्थ कर्तव्य है और अंतिम क कर्म को दर्शाता है. इसी कल्याणक साधना से मानवीय संसार को चतुर्दिक आपदा से मुक्ति मिल सकती है. प्रातः कालीन हवन पूजन में जैन समाज सहित अन्य महिलाओं ने भाग लिया. फिर माता की गोद भराई की गई. मौके पर अष्टकुमारियों ने माता की सेवा की. मंगल स्नान, वस्त्राभरण, 16 स्वप्न फल का महत्व बताया गया. इस विधान के बाद माता की शंका का निदान आचार्य प्रमुख सागर ने किया. जैन समाज की महिलाओं ने भक्ति भाव में लीन हो कर नृत्य और गायन किया. इस व्यवस्था में संयोजक निर्मल जैन, सचिव भावेश जैन, विमल जैन सहित अन्य जैन समाज के लोग लग रहे.

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Author: RANA GAURI SHAN

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