स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 : दृश्य स्वच्छता, कचरा प्रबंधन व स्वच्छता तक पहुंच है रैकिंग का आधार

दृश्य स्वच्छता, कचरा प्रबंधन व स्वच्छता तक पहुंच है रैकिंग का आधार

सिटीजन फीडबैक पर मिलेगा दो गुना अंक, नहीं चलेगा झूठा दाबा-कट जायेगा नंबर

वर्ष 2018 की स्वच्छता रैंकिग में मुंगेर नगर निगम बिहार में रहा था प्रथम

मुंगेर. केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के लिए टूलकिट जारी कर दी है. इस बार कचरा प्रबंधन, गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक, दृश्य स्वच्छता व फील्ड असेसमेंट पर खास जोर है. साथ ही सुपर स्वच्छ लीग व सफाई मित्र सुरक्षा जैसे नये पहलू शामिल किये गये है. इस बार ध्यान देने वाली बात यह है कि नागरिकों के फीडबैक को अधिक महत्व दिया जायेगा. इस पर दोगुने अंक मिलेंगे. लेकिन बढ़ा-चढ़ाकर दावा करना मुसीबत बन सकता है, क्योंकि गलत डेटा पर पेनाल्टी में अंक कटेंगा.

12,500 अंकों के आधार पर होगा शहरों की रैकिंग

आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को टूलकिट जारी कर दिया गया. इस बार की थीम ‘स्वच्छता की नयी पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखा गया है. इस बार शहर की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार होगी. स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर व 166 सब-इंडिकेटर शामिल किये गये हैं. इनमें दृश्य स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, अपशिष्ट जल प्रबंधन, स्वच्छता तक पहुंच, सफाई कर्मियों का कल्याण, शिकायत निवारण व जनभागीदारी जैसे अहम पहलू शामिल हैं. अंक का मूल्यांकन तीन प्रकार से बांटा गया है. इसमें ओडीएफ वाटर के लिए एक हजार अंक, गार्बेज फ्री सिटीज के लिए एक हजार अंक व ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक के लिए 10,500 अंक निर्धारित किये गये हैं. ग्राउंड असेस्मेंट व सिटीजन फीडबैक को भी चार फेज में बांटा गया है. चारों फेज में सर्वे के बाद अंक दिए जायेंगे.

पाना है बेहतर नंबर तो इन पर करना होगा काम

साल 2025 के लिए अलग-अलग कर कचरा प्रोसेस करना मुंगेर नगर निगम के लिए चुनौती है. विदित हो कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह में वर्ष 2023 में मुंगेर को 84 अंक मिला था. जबकि वर्ष 2024 में मात्र 42 अंक प्राप्त हो पाया, जो यह दर्शाता है कि मुंगेर शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है. इस पर इस पर विशेष फोकस करने की जरूरत है. तभी बेहतर नंबर मिल पायेगा. विदित हो कि 2024 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई मामले में शहर को मात्र 14 अंक प्राप्त हुआ. इसलिए नगर निगम प्रशासन को सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता बेहतर बनाने के लिए काम करना होगा. निगम की टीम को सड़क पर कचरा फेंकने वालों को चिह्नित कर जागरूक करते हुए सार्वजनिक रूप से शहर को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाना जरूरी है. दृश्य स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन व स्वच्छता जागरूकता पर 15-15 सौ अंक निर्धारित किए गए हैं. वहीं कचरा संग्रहण, स्वच्छता सुविधाएं, अपशिष्ट जल प्रबंधन और संस्थागत व्यवस्था पर एक-एक हजार अंक मिलेंगे. जबकि, डी-स्लजिंग सेवाओं, सफाई कर्मियों के वेलफेयर और नागरिक फीडबैक पर पांच-पांच सौ अंक तय किए गये हैं.

डंपिंग यार्ड तो है तो लेकिन कचरा प्रबंधन नहीं

मुंगेर नगर निगम के पास डंपिंग यार्ड तो है तो लेकिन कचरा प्रबंधन का विशेष इंतजाम इनके पास नहीं है. मुंगेर में एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाने की योजना है, जो शहर के चुरंबा स्थित डंपिंग यार्ड में बनना है, ताकि सूखे कचरे का निस्तारण हो सके. लेकिन यह योजना अब तक फाइलों में दम तोड़ रही है.

सिटीजन फीडबैक पर डबल नंबर, गलत डाटा देने पर कटेगा अंक

इस बार सिटिजन फीडबैक एंड शिकायत निवारण की मार्किंग को दोगुना किया गया है. पिछले साल 500 नंबर की मार्किंग की जाती थी, जबकि इस बार एक हजार नंबर पर मार्किंग होगी. पहले दो चरणों में फोन कर नागरिकों का फीडबैक लिया जाता है. तीसरे चरण में डेस्कटप असेसमेंट का काम किया जायेगा. जबकि, चौथे चरण में ऑन फील्ड असेसमेंट किया जायेगा. केंद्र की टीम मुंगेर में मार्च 2026 में फील्ड असेस्मेंट शुरु कर देगी. इस बार सर्वेक्षण में गंगा घाटों, पर्यटन स्थलों व अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों की स्वच्छता पर विशेष फोकस किया गया है. मुंगेर के प्रमुख घाटों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था सीधे रैंकिंग को प्रभावित करेगी.

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मुंगेर के पिछले कुछ वर्षों के रैंकिंग पर एक नजर

मुंगेर. आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर जारी 2018 की रैंकिग में मुंगेर नगर निगम बिहार में प्रथम स्थान पर था, जबकि 2019 की रैंकिग में मुंगेर राज्यभर में तीसरे स्थान पर था. 2020 की रैकिंग में मुंगेर पांचवें स्थान पर, 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में मंगेर नगर निगम देशभर में 352 वें स्थान पर, 2023 की रैकिंग में मुंगेर नगर निगम देश भर में 396 वां व राज्य भर में 17 वें स्थान पर था. 2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण की रैकिंग जारी की गयी तो मुंगेर नगर निगम बिहार में 12 वें स्थान था. हालांकि गंगा टाउन सर्वेक्षण सूची में कभी देश में टॉप थ्री में रहने वाला मुंगर शहर लगातार पिछड़ता चला जा रहा है.

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Published by: Birendra kumar sing

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