सेना के जवान की बेटी बनी SDM, बनौली गांव लौटीं सुप्रिया सुमन का ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

BPSC Success Story : हवेली खड़गपुर की बेटी सुप्रिया सुमन पहली बार बीपीएससी में SDM पद पर चयनित हुई हैं. उनके गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया. यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है.

BPSC Success Story : हवेली खड़गपुर प्रखंड के बनौली गांव की बेटी और भारतीय सेना के जवान शंभू प्रसाद शर्मा की पुत्री सुप्रिया सुमन पहली बार बीपीएससी में सफलता के बाद अपने गांव पहुंचीं. एसडीएम पद के लिए चयनित होने पर गांव में जश्न का माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और भव्य जुलूस के साथ उनका स्वागत कर सम्मानित किया.

गांव पहुंचते ही जश्न में डूबा पूरा इलाका

रविवार को जैसे ही सुप्रिया सुमन अपने पैतृक गांव बनौली पहुंचीं, पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया. रंगनाथ पहाड़ से लेकर बनौली गांव तक दर्जनों वाहनों का काफिला निकाला गया. ढोल-नगाड़े, डीजे और गाजे-बाजे के बीच सैकड़ों ग्रामीण, युवा, महिलाएं और बुद्धिजीवी उनका स्वागत करने पहुंचे. खुले वाहन पर सवार सुप्रिया ने रास्ते भर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया.

पारंपरिक रीति-रिवाज से हुआ स्वागत

पैतृक आवास पहुंचने पर महिलाओं और परिजनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया. पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया. ग्रामीणों ने कहा कि सुप्रिया की सफलता से गांव की बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी.

6 से 12 घंटे की पढ़ाई और सेल्फ स्टडी बनी सफलता की कुंजी

अपने सम्मान से अभिभूत सुप्रिया सुमन ने कहा कि यह सफलता निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है. उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन 6 से 12 घंटे तक पढ़ाई करती थीं. ऑनलाइन अध्ययन और सेल्फ स्टडी ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया. उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, जोधपुर से हुई. इसके बाद उन्होंने मेरठ से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से स्नातक की डिग्री प्राप्त की.

युवाओं को दिया मेहनत और अनुशासन का संदेश

सुप्रिया सुमन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है. उन्होंने युवाओं से लगन, समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने की अपील की. उनकी सफलता से बनौली गांव ही नहीं, बल्कि पूरे मुंगेर जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है.


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लेखक के बारे में

By सौरभ कुमार

सौरभ कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. हवेली खड़गपुर (मुंगेर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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