असरगंज (मुंगेर). सावन में आस्था की एक और मिसाल देखने को मिल रही है . लखीसराय जिले के रामचंद्रपुर निवासी सुबोध कुमार सिंह बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा घुटनों के बल कर रहे हैं. भक्ति और समर्पण की इस कठिन तपस्या को देखकर कांवरिया पथ पर हर कोई को आश्चर्य हो रहा है सुबोध के साथ 3 सदस्य सहयोगी के रूप में चल रहे हैं. एक सहयोगी लगातार फोम का गद्दा देते चलता है, जिस पर सुबोध घुटनों के बल आगे बढ़ते हैं ताकि घुटनों पर ज्यादा दबाव न पड़े.
बाबा भाेले पर है अटूट आस्था
सुबोध ने बताया कि बाबा पर अटूट आस्था के कारण उन्होंने यह संकल्प लिया है. इससे पहले वे दंड प्रणाम की नौ बार यात्रा भी कर चुके हैं. यात्रा पर निकलने से पहले कोई विशेष तैयारी नहीं की बाबा ने बुलाया और हम चल दिए सुबोध ने कहा. नौवें दिन सुबोध बम का जत्था कमराय चौक पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि अब धीरे-धीरे अभ्यास हो गया है और चलने में पहले जैसी परेशानी नहीं हो रही है.
भगवान भाेले की भक्ति के आगे हर कष्ट लग रहा है छोटा
घुटनों के बल 108 किलोमीटर का सफर तय करना आसान नहीं, लेकिन भोले की भक्ति के आगे हर कष्ट छोटा लग रहा है.कांवरिया पथ पर सुबोध की भक्ति देखकर श्रद्धालु जयकारे लगा रहे हैं और उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि यह बाबा की महिमा और सच्ची परंपरा का उदाहरण है
