श्रावणी मेला : बारिश ने कांवरियों को दी राहत तो गर्म बालू से पैरों में पड़ रहे छाले

बाबा बैद्यनाथ धाम जाने के क्रम में श्रावणी मेले की रौनक चरम पर है. जब से श्रावणी मेला प्रारंभ हुआ है तब से आजतक की सबसे ज्यादा भीड़ शनिवार को देखने को मिली

संग्रामपुर.

बाबा बैद्यनाथ धाम जाने के क्रम में श्रावणी मेले की रौनक चरम पर है. जब से श्रावणी मेला प्रारंभ हुआ है तब से आजतक की सबसे ज्यादा भीड़ शनिवार को देखने को मिली. कच्ची मार्ग एवं सड़क मार्ग के रास्ते कांवरिया अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक जाते देखे गये. खासकर सोमवारी जल चढ़ाने को लेकर कांवरिया अहले सुबह से ही देव नगरी की ओर निकल पड़े. जिससे कांवरिया पथ पूरी तरह केसरिया रंग में रंग गया. वहीं झमाझम बारिश ने भी कांवरियों में चाल को दुगुनी कर दी. कांवरिया सुबह से ही सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से जल लेकर बाबा धाम की ओर निकल पड़े. सुबह में सूर्य की तीखी किरणें कांवरियों को थोड़ा-बहुत परेशान जरूर किया. कच्ची कांवरिया मार्ग में बिछाये गये सफेद बालू कड़ी धूप में तप रहा, जिसके कारण पैर में छाले पर रहे हैं. कांवरिया पथ पर शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानागार, स्वास्थ्य शिविर, बिजली, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है.

असरगंज :

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के नौवे दिन शनिवार की सुबह से ही कच्ची कावरिया पथ में तीखी धूप रही. अत्यधिक धूप रहने के कारण कच्ची कांवरिया पथ में बिछाए गए बालू गर्म हो रहा था. जिससे कांवरिया से भक्तों को चलने में परेशानी हो रही थी. असरगंज प्रखंड में पड़ने वाले पांच किलोमीटर पथ में पानी छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई है. तपती धूप में चलने के कारण अस्थाई चिकित्सा शिविर में अधिकांश कावरिया अपने पैरों में बैंडेज पट्टी लगाते दिखे. इसके बावजूद भी कांवरियाें के कदम रूकने का नाम नहीं ले रहा था. भीड़ में डाक बम की संख्या अधिक रही.

सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग में दिन भर लगा रहा जाम

संग्रामपुर/असरगंज.

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में जैसे-जैसे कांवरियों की भीड़ बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रशासनिक तैयारियों की कमजोर कड़ी भी उजागर हो रही है. सुल्तानगंज से देवघर तक की आस्था यात्रा में कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जगह-जगह पुलिस पिकेट बनाए गए हैं. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. रामपुर नहर मोड़ और नवगाई चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस पिकेट मौजूद होने के बावजूद पुलिसकर्मियों की लापरवाही से कांवरिया पथ तक जाने वाले मार्गों में जाम की स्थिति बनी रही. कांवरिया वाहन दिनभर लिंक रोड पर खड़े रखते हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह ने कहा कि दूसरे सोमवारी को जल चढ़ाने वाले कांवरियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए कांवरिया पथ पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. साथ ही संबंधित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि रामपुर नहर मोड़ और नवगांई चौक पर तैनात पुलिसकर्मी लिंक रोड पर किसी भी वाहन के प्रवेश को रोकें. ताकि जाम की समस्या बनी बने. असरगंज : सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग में शनिवार की अहले सुबह से ही काफी संख्या में कांवरिया वाहनों के आवागमन के कारण देर शाम तक रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनी रही. जाम होने के कारण सुल्तानगंज गंगा जल भरने जा रहे एवं सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर देवघर जाने वाले कांवरिया वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. खासकर असरगंज, मासूमगंज एवं लदौआ मोड़, शाहकुंड मोड़ के समीप ज्यादा देर तक जाम लगा रहा.

धर्मशाला में सिलेंडर से गैस लीक हाेने से मची अफरा-तफरी

संग्रामपुर :

श्रावणी मेले में कांवरियों की बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी है. शुक्रवार की रात संग्रामपुर के मनियां धर्मशाला में उस समय हड़कंप मच गया जब कांवरिया खाना खाने के लिए जमा हुए थे. इसी बीच एक गैस सिलेंडर से गैस लीक हाेने लगी. गैस लीक होने से आग की लपटें भी तेज हो गई और कांवरियों में अफरा-तफरी मच गई. लेकिन खाना बना रहे रसोइए ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते आग पर काबू पा लिया. जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. वहीं धर्मशाला में विश्राम कर रहे बेगूसराय निवासी रामनरेश शर्मा, गोविंद शर्मा और पंकज शर्मा ने बताया कि ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. वहीं खैरा के पास बनाए गए 200 बेड वाले टेंट सिटी में भी अव्यवस्थाएं देखने को मिली. स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था न होने से कांवरियों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ा. रोहतास से आए कांवरिया प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनकी एक महिला साथी को पेट दर्द हुआ, पर मजबूरी में झोला छाप डॉक्टर से दवा लेनी पड़ी. इसके अलावा पीएचइडी विभाग द्वारा पांच स्थानों पर आरओ प्लांट लगाने की योजना बनाई गई थी. लेकिन कुमरसार और मनिया धर्मशाला में ही यह सुविधा उपलब्ध कराई गई. अन्य स्थानों पर सिर्फ नल लगाकर खानापूर्ति की जा रही है.

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Published by: Anand kumar

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