मुंगेर. लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर शुक्रवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने एक ट्रैफिक स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की. जहां उनके साथ नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, वरीय उप समाहर्ता कुमारी पुष्पा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. जिलाधिकारी ने कहा कि देश की आजादी में सरदार पटेल ने भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बारडोली सत्याग्रह, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान वर्ष 1928 में गुजरात में हुआ एक प्रमुख किसान आंदोलन था. जिसका नेतृत्व वल्लभ भाई पटेल ने किया था. उस समय प्रांतीय सरकार ने किसानों के लगान में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी थी. पटेल ने इस लगान वृद्धि का जमकर विरोध किया. सरकार ने इस सत्याग्रह आंदोलन को कुचलने के लिए कठोर कदम उठाए पर अंततः विवश होकर उसे किसानों की मांगों को मानना पड़ा. संपूर्ण मामलों की जांच कर 22 प्रतिशत लगान वृद्धि को गलत ठहराते हुए इसे घटाकर 6.03 प्रतिशत कर दिया. इस सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने वल्लभ भाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की थी. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भी उनके पदचिन्हों पर चलना चाहिए तथा उनके सिद्धांतों का अनुसरण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
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