कई गांवों का सड़क संपर्क भंग, विद्युत पावर सबस्टेशन में घुसा पानी

बाढ़ की त्रासदी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर गंगा विकराल रूप धारण करने लगी है.

बरियारपुर. बाढ़ की त्रासदी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर गंगा विकराल रूप धारण करने लगी है. गंगा के बढ़ते जलस्तर से बरियारपुर के निचले इलाके में पानी प्रवेश करने लगा है और संपर्क पथ भंग होने के कगार पर है. ऐसे में ग्रामीण एक बार फिर उंचे स्थानों या रेलवे ट्रैक किनारे शरण लेने को मजबूर हो गये हैं. वहीं विद्युत पावर सब स्टेशन में भी पानी प्रवेश कर गया है.

कुछ दिन पूर्व आई बाढ़ से बाढ़ पीड़ित संभल भी नहीं पाए थे कि गंगा के बढ़ते जलस्तर से एक बार फिर लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है. बाढ़ का पानी अभी गांव से निकला भी नहीं है कि गंगा फिर विकराल रूप धारण करने लगी है. अभी भी बाढ़ पीड़ित रेलवे लाइन किनारे टेंट बनाकर रह रहे हैं. इन पीड़ित परिवारों को उम्मीद थी कि दो-चार दिन बाद गांव में जमा बाढ़ का पानी पूरी तरह से सूख जाएगा, तो अपने घर-द्वार की साफ-सफाई कर शरण लेंगे, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. खासकर लालजी टोला में बाढ़ का पानी का जमाव पहले से बना हुआ है और अब पुनः धीरे-धीरे बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश करने लगा है. यही स्थिति मुरला मुसहरी गांव की है. एकाशी गांव व काला टोला गांव जाने वाली संपर्क पथ पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है और गांव का मुख्य सड़क से संपर्क भंग हो चुका है. वहीं उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को विद्यालय जाने में परेशानी हो रही है, दूसरी तरफ बरियारपुर विद्युत पावर सब स्टेशन में फिर से बाढ़ पानी का प्रवेश हो चुका है. हालांकि इतने पानी से सब स्टेशन प्रभावित नहीं होगी, लेकिन अगर पानी बढ़ती रही तो फिर से दूसरे विद्युत पावर सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति की जायेगी.

गंगा का पानी बढ़ने से मवेशियों के चारा पर गहराया संकट

असरगंज. प्रखंड के अमैया एवं ढोल पहाड़ी गांव में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गयी है. किसानों द्वारा अपने खेतों में लगाए गए धान की फसल पूर्व में ही बाढ़ के पानी में डूब गया था. करीब दस दिन पहले बाढ़ का पानी घटना शुरु हुआ तो किसानों में उम्मीद जगी कि अब खेतों का पानी सूखेगा. लेकिन शुक्रवार से ढोल पहाड़ी, अमैया एवं चोरगांव के निचले हिस्से में गंगा मैया फिर से दस्तक दे दी है. किसान अशोक मंडल, राजीव कुमार मंडल, पिंटू यादव, मदन कुमार, हीरालाल बिंद सहित अन्य ने बताया कि दोबारा गंगा का जलस्तर में वृद्धि होने से मवेशियों को चारा मिलना मुश्किल हो जायेगा.

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Published by: Anand kumar

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