मुंगेर में हेल्थ कार्ड अपडेट कराने के नाम पर रिटायर्ड रेलकर्मी से 20 लाख की ठगी, मोबाइल स्क्रीन को भी कर लिया हैक
Munger Cyber Fraud : एक फोन कॉल, हेल्थ कार्ड अपडेट का झांसा और देखते ही देखते खाते से उड़ गए 20 लाख रुपये. मुंगेर में साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी को ऐसा शिकार बनाया कि उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी कुछ ही मिनटों में ठगों के हाथ लग गई.
मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट
Munger News : मुंगेर जिले के जमालपुर क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. हेल्थ कार्ड अपडेट कराने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड रेलकर्मी से करीब 20 लाख रुपये की ठगी कर ली. आरोप है कि ठगों ने फोन पर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर नियंत्रण प्राप्त कर खाते से कई ट्रांजेक्शन के जरिए पूरी रकम निकाल ली. पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है.
हेल्थ कार्ड अपडेट नहीं होने का दिया डर
जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त रेलकर्मी के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया. उसने खुद को संबंधित विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका हेल्थ कार्ड अपडेट नहीं है. यदि तुरंत प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा. सरकारी प्रक्रिया का हवाला देकर ठग ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया.
एटीएम और ओटीपी की जानकारी लेते ही शुरू हुआ खेल
फोन करने वाले ने हेल्थ कार्ड अपडेट करने के नाम पर एटीएम कार्ड का नंबर और अन्य जरूरी जानकारी मांगी. कुछ ही देर बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आया, जिसे सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा बताकर साझा करने को कहा गया. पीड़ित ने विश्वास में आकर ओटीपी बता दिया.
मोबाइल स्क्रीन पर बना लिया नियंत्रण
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार ओटीपी साझा करते ही साइबर अपराधियों ने किसी तकनीकी माध्यम से मोबाइल स्क्रीन पर नियंत्रण हासिल कर लिया. इसके बाद बैंक खाते से लगातार कई ट्रांजेक्शन किए गए और करीब 20 लाख रुपये निकाल लिए गए.
मैसेज आते ही हुआ ठगी का एहसास
जब खाते से रकम कटने के लगातार संदेश मोबाइल पर आने लगे, तब पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई. उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते को सुरक्षित करने की कोशिश की. इसके बाद साइबर थाना मुंगेर पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
जांच में जुटी साइबर पुलिस
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके. मामले में तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं.
पुलिस ने जारी की अहम सलाह
साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर एटीएम नंबर, सीवीवी, ओटीपी, बैंक खाता विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें. यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और नजदीकी साइबर थाना को सूचना दें.
बढ़ते साइबर अपराध बने बड़ी चुनौती
डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं. हेल्थ कार्ड, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल, बैंक खाते और सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी ही बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकती है.