मुंगेर में आसमान से बरस रही आग, पारा पहुंचा 40 डिग्री पार
मुंगेरअप्रैल अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन मुंगेर में तापमान 40 डिग्री पार कर चुका है. लू की शुरुआत तय समय से पहले हो चुकी है और हालात जानलेवा होता जा रहा हैं लेकिन निगम प्रशासन के अधिकारी वातानुकूलित कमरे में आराम फरमा रहे हैं. शहर की सड़कों पर तीखी धूप से राहगीर झुलस रहे हैं. राहगीरों को लू की थपेड़ों से बचाने को लेकर अबतक तैयारी भी शुरू नहीं की गयी है. शीतल पानी व सर के उपर छांव की समुचित व्यवस्था तक नहीं हो पायी है.
निगम प्रशासन को नहीं हो रही गर्मी का एहसास, झुलस रहे मुसाफिर
इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. अगर तापमान की बात करें तो जिले में वह 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम लोगों की हालत बेहाल है. लेकिन शहर आने वाले मुसाफिरों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए अब तक नगर निगम प्रशासन की तैयारी शुरू नहीं हो सकी है. भीषण गर्मी में हर साल निगम की ओर से जगह-जगह पंडाल बना कर अस्थाई मुसाफिरखाना बनाया जाता था. मुसाफिरों को बैठने, बीमार पड़ने पर लेटने और शीतल पानी की व्यवस्था रहती थी. पंखा व कूलर भी रखे जाते थे. लेकिन वातानुकूलित कमरे में रहने के कारण निगम प्रशासन को गर्मी का एहसास ही नहीं है. जिसके कारण अब तक हिट वेव से बचाव को लेकर तैयारी शुरू नहीं की. शहर आने वाले मुसाफिर गर्मी में झुलस रहे है.
वाटर स्प्रिंकलर मशीन से नहीं हो रहा पानी का छिड़काव
इस भीषण गर्मी में भी वाटर स्प्रिंकलर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है. अगर इस मशीन का शहर में उपयोग किया जाता तो शायद वातावरण में नमी को बरकरार रखा जा सकता था. आज यह मशीन कस्तूरबा वाटर वर्क्स में निगम के वाहनों के बेड़ा में शो पीस बन कर खड़ी है. जिम्मेदारों का जवाब घिसा-पीटा जांच करायी जा रही व मरम्मत करायी जा रही है…वाली है.
