Munger News: असरगंज. नगर पंचायत असरगंज के मुख्य बाजार स्थित करीब 100 वर्ष पुरानी गोविंद लाल दास ठाकुरबाड़ी से राधा-कृष्ण की पीतल की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया है. चोरी की घटना दो दिन पहले की बतायी जा रही है, लेकिन इसका पता बुधवार देर रात उस समय चला, जब झूलनोत्सव के दौरान श्रद्धालु भगवान को झूला झुलाने ठाकुरबाड़ी पहुंचे.
गर्भगृह में पहुंचते ही श्रद्धालुओं की नजर उस जगह पर गयी, जहां राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित थी. वहां मूर्ति नहीं थी. कुछ ही देर में मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गयी और घटना की जानकारी आसपास के लोगों को दी गयी.
झूलनोत्सव में पहुंचे श्रद्धालु, गर्भगृह में नहीं दिखे राधा-कृष्ण
ठाकुरबाड़ी में झूलनोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा था. इसी दौरान जब श्रद्धालु राधा-कृष्ण को झूला झुलाने के लिए गर्भगृह में पहुंचे, तो मूर्ति गायब मिली.
पहले लोगों को कुछ समझ नहीं आया. बाद में जब मंदिर परिसर में तलाश की गयी तो प्रतिमा कहीं नहीं मिली. इसके बाद चोरी की आशंका गहरायी और पुलिस को सूचना दी गयी.
करीब 100 साल पुरानी है ठाकुरबाड़ी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार गोविंद लाल दास ठाकुरबाड़ी असरगंज बाजार की पुरानी धार्मिक धरोहरों में शामिल है. बताया जाता है कि यह ठाकुरबाड़ी करीब 100 वर्ष पुरानी है.
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में यहां अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित थी. वर्तमान में गर्भगृह में राधा-कृष्ण की पीतल की प्रतिमा थी. ऐसे में प्रतिमा चोरी होने की घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी है.
धार्मिक स्थल से जुड़ी इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है.
पुलिस पहुंची, महंत से ली पूरे मामले की जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद गश्ती दल के एएसआई सुबोध कुमार और शंभू पासवान पुलिस बल के साथ ठाकुरबाड़ी पहुंचे. पुलिस ने महंत सागर मुनि से घटना के संबंध में जानकारी ली.
महंत ने पुलिस को बताया कि अज्ञात चोरों ने पीतल की राधा-कृष्ण की मूर्ति चोरी कर ली है.
पुलिस ने मौके की स्थिति की जानकारी लेने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है.
दो दिन पहले चोरी, लेकिन बुधवार रात चला पता
इस घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि चोरी कब हुई, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आयी है. स्थानीय स्तर पर चोरी की घटना दो दिन पूर्व की बतायी जा रही है, जबकि श्रद्धालुओं को बुधवार देर रात मूर्ति गायब होने का पता चला.
इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि मंदिर के गर्भगृह से प्रतिमा चोरी होने के बाद दो दिनों तक इसकी जानकारी क्यों नहीं हो सकी. पुलिस अब इसी बिंदु को भी जांच के दायरे में ले सकती है.
शाम के बाद असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायत
घटना के बाद ठाकुरबाड़ी और आसपास के बाजार क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में शाम के बाद असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायत भी की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. लोगों की मांग है कि पुलिस इलाके में गश्ती बढ़ाये और मंदिर परिसर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाये.
यदि मंदिर के आसपास सीसीटीवी कैमरे या अन्य सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है, तो उसकी भी जांच से चोरी की घटना की कड़ी मिल सकती है.
Munger News: लिखित आवेदन का इंतजार कर रही पुलिस
थानाध्यक्ष विपुल कुमार ने बताया कि चोरी के मामले में अब तक पुलिस को लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. हालांकि, पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है.
लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर सकती है. फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी गयी राधा-कृष्ण की मूर्ति का पता लगाना और घटना में शामिल लोगों तक पहुंचना है.
ठाकुरबाड़ी जैसे पुराने धार्मिक स्थल से प्रतिमा चोरी होने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है.
