आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को पोषाहार नहीं मिलने पर अभिभावकों में आक्रोश

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मानक के अनुसार सुविधा नहीं दी जा रही है.

बरियारपुर. समेकित बाल विकास परियोजना द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों को प्लेट के साथ स्लेट थमाकर प्रारंभिक शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मानक के अनुसार सुविधा नहीं दी जा रही है. जिससे अभिभावकों में आक्रोश है. मामला बरियारपुर प्रखंड के पड़िया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 85 की है. शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के अभिभावक विद्या देवी, सुनीता देवी, सुलेखा देवी, दया देवी, सविता देवी, बबली देवी, बौधी यादव एवं शंकर रजक ने बताया कि बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता है. केवल खिचड़ी खिला कर खानापूर्ति की जाती है. सभी बच्चों को अंडा भी नहीं दिया जाता है. बच्चे जो पहले से कुछ लिखना-पढ़ना जानते थे. वह इस केंद्र पर आकर भूल चुके हैं, क्योंकि इस केंद्र पर बच्चों को पढ़ाया नहीं जाता है. दो वर्ष पूर्व ही सेविका को हटा दिया गया. जिसके बाद से केंद्र की सहायिका को सेविका का प्रभार दिया गया है. जो बच्चों को पढ़ाने के बजाय पोषाहार बनाने में ही व्यस्त रहती है. आक्रोश व्यक्त करते हुए अभिभावकों ने कहा कि जल्द से जल्द अगर इस केंद्र पर सेविका की बहाली नहीं की जाती है तो सीडीपीओ कार्यालय के सामने विरोध करेंगे. केंद्र की सहायिका कुंदन देवी ने कहा कि विभाग से जैसा निर्देश मिलता है. उस अनुसार कार्य करती है. वहीं सुपरवाइजर कृष्णा भारती ने बताया कि सेविका की रिक्ति का डाटा जिला को भेज दिया गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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