Talent Showcase : सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर के परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में छात्राओं ने मेहंदी की आकर्षक डिजाइन और रंगोली की मनमोहक कलाकृतियां बनाकर अपनी कलात्मक क्षमता का परिचय दिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा. शिक्षकों ने छात्राओं की सृजनात्मक सोच और प्रस्तुति की सराहना की.
इन छात्राओं ने हासिल किया स्थान
मेहंदी प्रतियोगिता में अष्टम वर्ग की छात्रा पलक प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. अष्टम वर्ग की ही आराध्या द्वितीय और दशम वर्ग की अंजलि तृतीय स्थान पर रहीं. वहीं रंगोली प्रतियोगिता में क्रिस्टल ने प्रथम, रिया ने द्वितीय तथा वर्ग छह की छात्रा योशिता ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.
रचनात्मकता से बनता है सशक्त समाज : प्रधानाचार्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य छठू साह ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों की रचनात्मक सोच ही एक जागरूक और सशक्त समाज की पहचान है. जब कोई बेटी रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पना को आकार देती है, तब वह बेहतर भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
बच्चों को नई गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा
विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
कला आत्मविश्वास बढ़ाने का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम का संचालन प्रमुख पूनम, कांति, अवन और सनी कुमारी के नेतृत्व में किया गया. उपप्रधानाचार्य संतोष कुमार ने कहा कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच को विकसित करने का प्रभावी साधन भी है. कार्यक्रम के अंत में विजेता छात्राओं को बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई.
