आय-व्यय के संतुलन के साथ तैयार किया गया बजट, 6.08 लाख रूपये रहा लाभ
विकास कार्यों के साथ-साथ बुनियादी सेवाओं को बेहतर बनाने पर दिया विशेष जोर
मुंगेर. मुंगेर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सोमवार को नगर भवन में आयोजित आमसभा की बैठक में पेश किया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने ध्वनि मत से पारित कर दिया. बजट में 6.08 लाख रूपये का मामूली लाभ दर्शाया गया है. बैठक की अध्यक्षता मेयर कुमकुम देवी ने की, जबकि नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे. हालांकि उप महापौर खालिद हुसैन सहित दर्जन भर वार्ड पार्षद बैठक से नदारद रहे.
तीन मिनट में 384 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पारित
महापौर ने बजट प्रस्तावना पढ़ने के लिये वार्ड पार्षद सह सशक्त स्थायी समिति सदस्य सुजीत पोद्दार को अधिकृत किया. उन्होंने मात्र तीन मिनट में बजट प्रस्तावना पढ़ दी. इसके बाद मेयर ने सदस्यों से पूछा कि बजट मंजूर है या नहीं, जिस पर सदस्यों ने टेबल थपथपाकर अपनी सहमति दे दी. इस पूरी प्रक्रिया में केवल तीन मिनट लगे और 384 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पारित हो गया. बजट में 3 अरब 84 करोड़ 98 लाख 64 हजार 91 रूपये आय का अनुमान लगाया गया है, जबकि 3 अरब 84 करोड़ 92 लाख 55 हजार 266 रूपये व्यय का प्रावधान किया गया है. इस प्रकार कुल 6 लाख 8 हजार 825 रूपये का लाभ दर्शाया गया है.
आय के प्रमुख स्रोत
नगर निगम की आय के विभिन्न स्रोत भी बजट में स्पष्ट किये गये हैं. संपत्ति कर से 10 करोड़ 6 लाख, जल कर से 2 करोड़ 35 लाख, विज्ञापन कर से 70 लाख 12 हजार, टावर कर से 1 करोड़ 67 लाख, प्रोफेशन टैक्स से 1 करोड़ 13 लाख तथा स्टांप ड्यूटी से 8 करोड़ 13 लाख रूपये आय का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा सड़क किनारे अस्थायी दुकानों, वाहनों, नगर निगम के मार्केट और संपत्तियों के किराये से लगभग 2 करोड़ 66 लाख रूपये आय की संभावना जतायी गयी है. फीस व यूजर चार्ज के तहत दाखिल-खारिज, लाइसेंस, नक्शा नियमन, भवन अनुज्ञा, पानी टैंकर शुल्क, रोड कटिंग शुल्क आदि से 7 करोड़ 13 लाख रूपये आय का अनुमान है. वहीं अन्य मदों जैसे गीला कचरा से खाद बिक्री, फार्म व प्रकाशन बिक्री आदि से लगभग 15 लाख 54 हजार रूपये प्राप्त होने की उम्मीद है. सबसे बड़ी आय केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान से होगी, जिसके तहत 289 करोड़ 14 लाख रूपये मिलने का अनुमान है.
शहरी विकास पर 159 करोड़ खर्च का प्रावधान
नगर निगम ने शहरी विकास कार्यों के लिये 159 करोड़ 92 लाख 91 हजार रूपये खर्च का प्रावधान किया है. इसमें मार्केट कॉम्प्लेक्स, पुस्तकालय, वेंडर जोन, सड़क व पुल, ड्रेनेज, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, मशीनरी, वाहन, कार्यालय उपकरण, फर्नीचर आदि शामिल हैं. गौशाला जीर्णोद्धार के लिये 47 लाख 79 हजार 100 रूपये, पार्क, गार्डेन व ओपन जिम के लिये 1 करोड़ 75 लाख 5 हजार 530 रूपये तथा चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण पर 78 लाख 93 हजार 514 रूपये खर्च किये जायेंगे.
वेतन, रखरखाव व योजनाओं पर भी बड़ा खर्च
स्थापना मद में वेतन, भत्ते, मजदूरी और संविदा कर्मियों पर 78 करोड़ 27 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे. प्रशासनिक व्यय के तहत कार्यालय संचालन, संचार, यात्रा, विज्ञापन आदि पर 3 करोड़ 51 लाख रूपये का प्रावधान रखा गया है. बिजली, इंधन, मरम्मत, किराया और रखरखाव जैसे मदों पर 50 करोड़ 37 लाख 91 हजार रूपये खर्च किये जायेंगे. वहीं विभिन्न योजनाओं जैसे संक्रामक रोग नियंत्रण, फॉगिंग, स्वच्छता अभियान, गंगा घाट सफाई, शौचालय निर्माण, अंत्येष्टि सहायता, एनयूएलएम और आवास योजना पर 34 करोड़ 31 लाख 99 हजार रूपये खर्च का प्रावधान किया गया है.
——————————————————————-उप महापौर सहित 18 वार्ड पार्षद बजट बैठक में नहीं हुए शामिल
मुंगेर.
बजट बैठक में जहां उप महापौर खालिद हुसैन की कुर्सी खाली रह गयी है. वहीं कुल 45 पार्षदों में 18 वार्ड पार्षदों ने भाग नहीं लिया. मेयर ने बैठक में 32 वार्ड पार्षदों का जिक्र किया. लेकिन जिस रजिस्टर पर वार्ड पार्षदों का हस्ताक्षर लिया जा रहा था, बैठक समाप्ति तक मात्र 28 वार्ड पार्षद का हस्ताक्षर था. यानी उप महापौर व 18 पार्षदों की अनुपस्थिति में ही बजट पारित हो गया. उप महापौर खालिद हुसैन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट आनन-फानन में पारित कराया गया है. जबकि दो तिहाई पार्षद ने पूर्व में ही मेयर व नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर सशक्त स्थायी समिति चुनाव के बाद आम बजट का समय व तिथि तय करने की मांग की थी. यह जनता द्वारा चुने गये वार्ड पार्षदों की अवहेलना है. उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को ही सशक्त स्थायी समिति सदस्यों के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गयी है. अधिसूचना आने के बाद किसी प्रकार का कार्य या बैठक नहीं होना चाहिए. बावजूद सात अप्रैल को जबरन स्थायी समिति की बैठक की गयी.———————————————–
निगम कार्यालय में पार्षदों के बैठने की हो व्यवस्था
मुंगेर. बजट को लेकर आयोजित आमसभा में वार्ड पार्षद अमोद कुमार ने भले ही बजट को पारित करने में अपनी सहमति प्रदान कर दी, लेकिन उन्होंने निगम कार्यालय में वार्ड पार्षदों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं रहने पर आपत्ति जतायी. उन्होंने कहा कि नगर निगम कार्यालय में अधिकारी से लेकर चपरासी व गार्ड तक के बैठने की व्यवस्था है. लेकिन वार्ड पार्षदों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. पार्षदों के बैठने के लिए कक्ष की व्यवस्था की जाय. मेयर कुमकुम देवी ने बताया कि नगर निगम प्रशासनिक भवन बनाने की दिशा में काम हो रहा है. नीचे पार्किंग की व्यवस्था होगी व उपर में प्रशासनिक भवन होगा. इस भवन में अधिकारियों से लेकर आंगतुक के बैठने की व्यवस्था होगी. उसी में वार्ड पार्षदों के बैठने के लिए कक्ष होगा.
