ड्रोन व लेजर शो में दिखा मुंगेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक धरोहर

आसमान में सजी मुंगेर के इतिहास और विकास की झलक, तालियों से गूंज उठा एतिहासिक पोलो मैदान

मुंगेर. स्वामी सत्यानंद सरस्वती के मुंगेर पदार्पण महोत्सव व श्रीनिवास कल्याणोत्सवम् पर मंगलवार की शाम पोलो मैदान में आयोजित ड्रोन और लेजर शो ने लोगों का दिल जीत लिया. रात के अंधेरे में जब सैकड़ों ड्रोन एक साथ आसमान में उठे, तो उन्होंने रोशनी के माध्यम से मुंगेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आधुनिक पहचान को जीवंत कर दिया. इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. इस कार्यक्रम के दौरान बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर मुंगेरवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की.

ड्रोन शो की शुरुआत मुंगेर के ऐतिहासिक गौरव को दर्शाने वाले दृश्यों से हुई. आसमान में रोशनी से बने आकृतियों के जरिए शहर की प्राचीन विरासत, गंगा तट की भव्यता और धार्मिक स्थलों की झलक पेश की गयी. आसमान में उभरती आकृतियों ने मानो इतिहास को जीवंत कर दिया. योग गुरु स्वामी निरंजनानंद सरस्वती, बिहार योगाश्रम, बड़ी दुर्गा महारानी, कष्टहरणी घाट, मुंगेर किला, बड़ा हनुमान मंदिर, मछली तालाब, सीता चरण, माता चंडिका स्थान जैसे प्रतिष्ठित स्थल आसमान में जीवंत दिखा, तो दर्शक मंत्रमुग्ध रह गये. हर दृश्य के साथ तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही. इसमें नमस्ते मुंगेर की आकृति में भारत की एकता और अखंडता की झलक दिखी. सशक्त फाउंडेशन की आकृति जब आसमान में दिखी तो गौरव शर्मा का नाम मैदान में गूंजने लगा. एक साथ 550 उड़ान भरते ड्रोनों ने आसमान में मुंगेर के 12 गौरवशाली स्थलों की सजीव आकृतियां उकेरीं. आसमान में पाल वंश, गुप्त वंश और मुंगेर के इतिहास का संजीव आकृति बनी. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस अनोखे नजारे को कैमरे में कैद करने में जुटा दिखा. कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि आयोजन पूरी तैयारी और तय समय पर शुरू किया गया. आयोजन ने न सिर्फ मुंगेर की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई दी, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करने का एक नया आयाम भी स्थापित किया. लेजर शो ने पूरे वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया. युवाओं और बच्चों में इस शो को लेकर खासा उत्साह देखा गया. मोबाइल कैमरों में इस अद्भुत दृश्य को कैद करने की होड़ लगी रही. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किये गये थे, जिससे शो शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. आयोजन समिति के गौरव शर्मा ने बताया कि इस तरह का हाई-टेक ड्रोन और लेजर शो पहली बार मुंगेर में आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य शहर की पहचान को नई ऊंचाई देना और लोगों को मुंगेर के इतिहास, संस्कृति और धरोहरों तथा आधुनिक तकनीक से रू-ब-रू कराना था.यह शो न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि मुंगेर की समृद्ध विरासत और उज्ज्वल भविष्य का संदेश भी देने में सफल रहा.

स्वामी सत्यानंद सरस्वती के संदेश को जीवन में करें आत्मसात : स्वामी निरंजनानंद

मुंगेर. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि आज का दिन मुंगेर के लिए बहुत बड़ा अवसर है. जब हम अपने भूत, वर्तमान और भविष्य को एक साथ ड्रोन व लेजर शो के माध्यम से आसमान में बनी आकृति के माध्यम से जान रहे हैं. यह एक ऐसा अवसर है, जो हमें अपनी संस्कृति और इतिहास के समृद्धि, शिक्षा व विकास का ज्ञान करा रहा है. मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि रहे इसके लिए गुरुदेव स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने जो संदेश दिया, उसे भी इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है. निश्चित रूप से मुंगेर एवं बिहार वासियों को उनके संदेश को आत्मसात करना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि बुधवार को भगवान के विवाहोत्सव का आप सभी साक्षी बने और भगवान तिरुपति बालाजी का भी दर्शन करें.

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Published by: Birendra kumar sing

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