असरगंज से प्रतिनिधि की रिपोर्ट:
Munger news: भीषण गर्मी के बीच प्रखंड के मासूमगंज बस स्टैंड स्थित यात्री शेड अपनी मूल उपयोगिता खोता नजर आ रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए इस शेड पर एक ओर सब्जी विक्रेताओं का अतिक्रमण है, तो दूसरी ओर असामाजिक तत्वों और गांजा सेवन करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है. ऐसे में यात्रियों को चिलचिलाती धूप में खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार मासूमगंज बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है. सादपुर, माधोपुर, सजुआ, कोरियन समेत आसपास के कई गांवों तथा सुल्तानगंज प्रखंड के मिश्रपुर और कुमैठा क्षेत्र के लोग भी यहां से बस एवं अन्य वाहन पकड़ते हैं.
शेड में बैठने से कतराते हैं यात्री
बताया जाता है कि सुबह से शाम तक यात्री शेड में कुछ लोग गांजा सेवन करते रहते हैं. इसके कारण यात्री वहां बैठना तो दूर, आसपास खड़ा होना भी सुरक्षित नहीं समझते. विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अतिक्रमण से बढ़ी समस्या
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सब्जी विक्रेताओं ने भी यात्री शेड के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा रखा है. शेड के भीतर सब्जियां रखी जाती हैं और कई बार सड़ी-गली सब्जियां भी वहीं छोड़ दी जाती हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैलती है.
कार्रवाई की मांग
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभाग से यात्री शेड को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा वहां असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यात्री सुविधा के लिए बनाए गए शेड को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप उपयोग में लाया जाए, ताकि यात्रियों को भीषण गर्मी और बारिश के दौरान राहत मिल सके.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द पहल नहीं की गई तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है.
