मुंगेर. जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने शनिवार को श्रीकृष्ण सेवा सदन में रखे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह द्वारा संग्रहित कई पाण्डुलिपियों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि यहां कई प्रकार के दस्तावेज मिले हैं, जिसे पांडुलिपि के तहत ज्ञान भारतम पोर्टल एप पर अपलोड कर डिजिटाइज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुंगेर जिला में सरकारी एवं गैर सरकारी समस्त संस्थाओं (मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय आदि) व किसी भी व्यक्ति, जिनके पास पांडुलिपियों का संग्रह है. उसे चिह्नित कराते हुए उनकी सूची तैयार कर उसका ज्ञान भारतम पोर्टल पर डिजिटाइजेशन कराया जाना है. पांडुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रंथ पुस्तक हैं, जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हो. ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियां संग्रहकर्ता संस्था अथवा व्यक्ति के अधिकार में ही रहेंगे. मिशन का उद्देश्य केवल प्राचीन ज्ञान भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कराते हुए उनमें निहित ज्ञान को अनुसंधान, अनुवाद एवं प्रकाशन द्वारा विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है, ताकि भावी पीढ़ी अथवा रिसर्च करने वाले युवा आसानी से जानकारी ले सके. उन्होंने कहा कि पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन तथा इसमें समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने को लेकर भारत सरकार के फ्लैगशिप पहल के रूप में ज्ञान भारतम् मिशन को मूर्त रूप देने के लिए जिला प्रशासन कार्य प्रारंभ कर चुकी है.
सभी पांडुलिपियों का ज्ञान भारतम पोर्टल पर होगा डिजिटाइजेशन : डीएम
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने शनिवार को श्रीकृष्ण सेवा सदन में रखे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह द्वारा संग्रहित कई पाण्डुलिपियों का निरीक्षण किया.
