मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज में सोमवार को झारखंड के हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह कॉलेज के पूर्वोत्तर छात्र रहे रंजीत कुमार ने अपना व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि मैं भी इसी महाविद्यालय का छात्र रहा हूं तथा नौ वर्षों तक इसी मुंगेर न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में भी अपनी सेवा दी है. यहां के विद्यार्थियों को कॉलेज में जो दिशा-निर्देश मिल रहा है, उससे निःसंदेह काफी आगे तक का सफर तय करेंगे. परंतु विधि के विद्यार्थियों होने के साथ देश के युवा होने के कारण एक बात याद रखें कि पैसा कमाने के साथ समाज को शिक्षित एवं सही दिशा-निर्देश प्रदान करना और उनके न्याय की आकांक्षा को पूरा करने में विधिपूर्ण रूप में मदद करना आपका नैतिक, सामाजिक एवं विधिक उत्तरदायित्व है. प्राचार्य ने न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया तथा अपने विद्यार्थियों से कहा कि समाज को विकास के रास्ते पर ले जाना विधि के छात्र की जिम्मेवारी है और इसके लिए उन्हें मेहनत, लगन, अनुशासन के साथ धर्म, जाति, वर्ग, सम्प्रदाय, भाषा आदि से ऊपर उठकर संविधान के छांव तले विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करना है. न्यायाधीश ने कॉलेज में नवनिर्मित पुरुष एवं महिला प्रसाधन कक्ष का उद्घाटन किया. जहां उनके साथ बिहार बार काउंसिल सदस्य सह अधिवक्ता रामचरित्र प्रसाद यादव, अधिवक्ता चंद्रभानु साहु तथा प्राचार्य डॉ राजेश कुमार मिश्रा थे. मौके पर डॉ नीरज कुमार शुक्ला, डॉ शैलेश कुमार मिश्रा, डॉ कुंदन कुमार साह मौजूद थे. कार्यक्रम के बाद न्यायाधीश ने कॉलेज के कंप्यूटर कक्ष, शिक्षक कक्ष, लाइब्रेरी सहित अन्य कक्षाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने कॉलेज में बिताये अपने समय को याद किया.
समाज को शिक्षित व सही दिशा देना विधिक उत्तरदायित्व : न्यायाशीध
मुंगेर विश्वविद्यालय के विश्वनाथ सिंह लॉ कॉलेज में सोमवार को झारखंड के हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह कॉलेज के पूर्वोत्तर छात्र रहे रंजीत कुमार ने अपना व्याख्यान दिया.
