कृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर धर्म की स्थापना की, अधर्म के विनाश का संदेश दिया : श्रेयांशी पांडे

बढ़ौनियां स्थित काली मंदिर के प्रांगण में हो रहा आयोजन

संग्रामपुर. प्रखंड क्षेत्र के बढ़ौनियां स्थित काली मंदिर के प्रांगण में आयोजित श्री श्री 108 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को वृंदावन से पधारी कथावाचिका श्रेयांशी पांडे ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं उनकी बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया. इस दौरान श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आये और पूरे वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का संचार होता रहा. कथावाचिका ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पावन कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं. उन्होंने कंस के अत्याचारों का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर धर्म की स्थापना की और अधर्म के विनाश का संदेश दिया. वहीं श्रीकृष्ण का जन्म प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव-विभोर होकर जयकारे लगाने लगे, जिससे पूरा कथा स्थल गूंज उठा. इसके उपरांत कथावाचिका ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन चोरी, पूतना वध, शकटासुर वध एवं कालिया नाग दमन जैसे प्रसंगों का भी बखान किया. उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि उनमें गहरे आध्यात्मिक और नैतिक संदेश छिपे हुए हैं, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर प्रवचन किया जायेगा. कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का लाभ उठाने की अपील की.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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