हवेली खड़गपुर मुंगेर से रतन झा की रिपोर्ट,
हवेली खड़गपुर में बीडीओ एवं सीओ सहित प्रखंड स्तरीय कई कार्यालय को आधुनिक सुविधायुक्त भवन मिलने में काफी देर हो रही है. बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से खड़गपुर प्रखंड मुख्यालय में सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र भवन का निर्माण कराये जाने की स्वीकृति पिछले 4 साल पहले ही दी थी. जिसका शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रिमोट दबाकर 5 मई 2022 को किया था. 4 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक यह भवन बनकर तैयार नहीं है, पूरी तरह अधूरा पड़ा भवन का कार्य पिछले कई माह से बंद हो चुका है. यहां तक कि संवेदक भी निर्माण स्थल पर नजर नहीं आते हैं.संवेदक की लापरवाही से भवन निर्माण का मामला अधर में लटका
बताया जाता है कि आवंटन व तकनीकी कारणों एवं संवेदक की लापरवाही की वजह से भवन निर्माण का मामला अधर में लटका पड़ा है. इस भवन में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय सहित कई कार्यालय संचालित करने का निर्देश बिहार सरकार ने दिया है. आजादी के बाद 1952 में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का भवन निर्माण कराया गया था. प्रखंड एवं अंचल कार्यालय बनने के करीब 74 वर्ष बाद भवन अति जर्जर हो गया है. हल्की बारिश में भी छत से पानी एवं छत की परत टूटकर गिरते रहता है. अति जर्जर भवन से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. यहां तक की प्रखंड कार्यालय परिसर में आवास भी पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गई है. जमीन की परिसर में कोई कमी नहीं है.
विभाग इस भवन निर्माण के लिए बेखबर क्यों है
विभाग इस भवन निर्माण के लिए बेखबर क्यों है, ना तो अधिकारियों की समझ में आया और नहीं ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को खड़गपुर प्रखंड के अधीन दो सांसद दो विधायक के रहते प्रखंड कार्यालय भवन निर्माण अधर में लटके जाने से स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना है. इतना ही नहीं बिहार के सीएम सम्राट चौधरी इसी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं जिस विभाग के जिम्मे प्रखंड की विकास है, वही अपने कार्यालय भवन निर्माण ऐसे मामलों में चुप्पी साधे हुए हैं. फिलहाल सबसे अधिक परेशानी अंचल के डाटा सेंटर में हो रही है. काम कराने यहां आने वाले लोगों को खड़ा रहने तक के लिए जगह नहीं है. भवन में
सारा सामान भरा पड़ा है.