ईरिमी जमालपुर बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एक्शन प्लान तैयार : अश्विनी वैष्णव

संस्थान विकसित भारत के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

ईरिमी जमालपुर के विकास पर रेलवे खर्च करेंगा 350 करोड़ की राशि

वेल्डिंग, हाइड्रॉलिक्स, न्यूमेटिक्स एवं मेकेटोनिक्स ब्रांच की होगी पढ़ाई

राणा गौरी शंकर, मुंगेर

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जमालपुर स्थित भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान ( ईरिमी) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जायेगा. इसके लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है. इस विश्वस्तरीय संस्थान में वेल्डिंग, हाइड्रॉलिक्स, न्यूमेटिक्स एवं मेकेटोनिक्स ब्रांच की पढ़ाई होगी. इसके विकास पर रेल मंत्रालय 350 करोड रुपए खर्च करेगा. वे शुक्रवार को जमालपुर रेल कारखाना के इरिमी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा ने भी संबोधित किया.

गैर रेलकर्मियों को भी ईरिमी में मिलेगा प्रशिक्षण

रेल मंत्री ने कहा कि जमालपुर के इस भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंता संस्थान में न सिर्फ रेलकर्मियों को बल्कि क्षेत्र के युवाओं को भी पढ़ने व प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी. उन्होंने घोषणा किया कि अगले वर्ष 2026 से इस संस्थान में यह व्यवस्था लागू हो जायेगी. इसके लिए गतिशक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति को एक माह के अंदर यहां भेजा जायेगा. वे इस बात का अध्ययन कर व्यवस्था करेंगे कि किस प्रकार इस क्षेत्र के नौजवानों को भी रेलवे के इस संस्थान में पढ़ाई व प्रशिक्षण की व्यवस्था हो सके. उन्होंने इसके लिए स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस प्रकार के सुझाव दिए. जिससे गैर रेलकर्मी भी अब इस संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर पायेंगे . उन्होंने कहा कि यह संस्थान विकसित भारत के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा . जिसमें पढ़कर यहां के युवा देश और विदेश के विभिन्न बड़े संस्थानों में काम करने का गौरव प्राप्त करेंगे. इसके लिए जरूरत पड़ी तो रेलवे अपनी नीति में बदलाव करेंगी.

बिहार में चल रही एक लाख करोड़ की रेल परियोजनाएं

मुंगेर : जमालपुर रेल कारखाना में 78.96 करोड़ की परियोजनाओं को शिलान्यास करने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत परियोजना के तहत बिहार में व्यापक स्तर पर रेलवे का विकास किया जा रहा है. राज्य में एक लाख करोड़ रूपये के रेल परियोजनाओं का कार्य चल रहा है. इसके तहत 98 रेलवे स्टेशनों का जहां नवनिर्माण हो रहा है, वहीं अन्य यात्री सुविधाओं को विस्तार किया जा रहा है. पहले बिहार में रेलवे का बजट लगभग एक हजार करोड़ का होता था. जबकि आज प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व के कारण में बिहार में रेल बजट का आकार 10 हजार करोड़ किया गया है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में बिहार में 1832 किलोमीटर नई रेल पटरी बिछायी गयी. जो मलेशिया जैसे देश में कुल रेल पटरी नेटवर्क से अधिक है. जबकि इस दौरान पूरे देश में 34 हजार किलोमीटर रेल पटरी बिछायी गयी है. जो जर्मन जैसे समृद्ध राष्ट्र के कुल रेल पटरी से अधिक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RANA GAURI SHAN

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >