आग लगने के कारण व उसके बचाव की दी गयी जानकारी

वैचारिक क्रांति के बिना भारत में महिलाएं सशक्त नहीं हो सकती.

मुंगेर

मुंगेर विश्वविद्यालय एनएसएस इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण के तीसरे दिन सोमवार को स्वंयसेवकों ने आरडी एंड डीजे कॉलेज कैंपस में आग लगने के कारण और उसके बचाव से अवगत हुए. जिसका प्रशिक्षण एसडीआरएफ के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया.

प्रशिक्षण के तीसरे दिन सुबह 7 बजे आरडी एंड डीजे कॉलेज कैंपस में पीटी एवं योगाभ्यास कराया गया. जहां मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में केएसएस कॉलेज लखीसराय के प्राचार्य प्रो गिरीशचंद्र पांडे ने युवाओं को भारतीय संस्कृति से जुड़ने और समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया. जबकि बीआरएम कॉलेज की डॉ निर्मला कुमारी ने महिला सशक्तिकरण विषय विचार रखे. उन्होंने बताया कि वैचारिक क्रांति के बिना भारत में महिलाएं सशक्त नहीं हो सकती.

आग से बचाव को लेकर मिली जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में आग बुझाने के तरीके, धुएं से बचाव का प्रशिक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगाने के कारण, मवेशियों या फसल को आग से बचने का तरीका बताया गया. साथ ही आग लगने के उपरांत घायलों का अस्पताल में पूर्व चिकित्सा करने की विधियों के बारे में बताया गया. इस दौरान फायर मॉक ड्रिल, टीम की बनावट, सभी टीम के कार्य को सैद्धांतिक रूप में बताया गया. अगलगी के दौरान मॉक ड्रिल, सीपीआर का मॉडल ड्रिल, रक्तस्राव का मॉक ड्रिल तीन ग्रुप में बांटकर किया गया. प्रशिक्षण हाइब्रिड मॉडल में दिया गया. पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के साथ-साथ फील्ड एक्टिविटी ने प्रशिक्षण को रोचक बना दिया. प्रशिक्षण संयोजन एनएसएस कॉडिनेटर मुनींद्र कुमार सिंह ने किया. मौके पर अशोक कुमार शर्मा, सौरभ शांडिल्य, सुशांत, मृत्युंजय, अंशु प्रिया, डॉ संजय मांझी, डॉ अनीश अहमद, डॉ प्रमोद यादव आदि मौजूद थे.

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Published by: Amit jha

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