मुंगेर से अमित झा की रिपोर्ट :
मुंगेर जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने चार महीने से मानदेय नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है. एमएस उर्मिला इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधीन कार्यरत 105 ऑपरेटरों का कहना है कि जनवरी से अप्रैल 2026 तक का भुगतान अब तक नहीं हुआ है. इसके चलते कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है.मानदेय पेंडिंग होने से बढ़ी परेशानी
डाटा ऑपरेटरों के अनुसार पिछले चार महीनों से लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मानदेय नहीं मिला है. कर्मचारियों ने बताया कि जनवरी और फरवरी महीने का ईपीएफ भी अब तक जमा नहीं किया गया है.ऑपरेटरों का कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण सेवाओं का डाटा और रिकॉर्ड संभालते हैं, लेकिन खुद की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है.
“घर चलाना मुश्किल, भुखमरी जैसे हालात”
मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है. कई ऑपरेटरों ने बताया कि किराया, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों को संभालना अब चुनौती बन गया है.कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन लंबित रहने के कारण वे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. कुछ कर्मचारियों ने खुद को भुखमरी जैसी स्थिति में पहुंचने की बात भी कही है.स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं डाटा ऑपरेटर
स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन रिपोर्टिंग, मरीजों का रिकॉर्ड, योजनाओं का डाटा अपलोड और विभिन्न डिजिटल कार्यों में डाटा ऑपरेटरों की अहम भूमिका होती है.इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. ऑपरेटरों ने संबंधित कंपनी और विभागीय अधिकारियों से जल्द लंबित मानदेय जारी करने की मांग की है.
