सदर अस्पताल में 41 व हवेली खड़गपुर में 64 मिनट में हो रहा रोगी का इलाज

सरकार भले ही स्वास्थ्य संस्थानों में रोगियों को त्वरित व बेहतर इलाज को लेकर प्रतिबद्ध है. लेकिन मुंगेर जिले में सरकारी डाटा के अनुसार सदर अस्पताल में 41 मिनट व हवेली खड़गपुर में 64 मिनट इलाज के लिए रोगियों को इंतजार करना पड़ रहा है

भव्या पोर्टल पर मरीजों का औसत समय अधिक रहने पर कई प्रभारी व प्रबंधक से स्पष्टीकरण

सिविल सर्जन ने औसत समय 30 मिनट करने, अन्यथा कार्रवाई किये जाने का दिया निर्देश

मुंगेर.

सरकार भले ही स्वास्थ्य संस्थानों में रोगियों को त्वरित व बेहतर इलाज को लेकर प्रतिबद्ध है. लेकिन मुंगेर जिले में सरकारी डाटा के अनुसार सदर अस्पताल में 41 मिनट व हवेली खड़गपुर में 64 मिनट इलाज के लिए रोगियों को इंतजार करना पड़ रहा है. जबकि संग्रामपुर व धरहरा में एक घंटा से ऊपर रोगियों को इंतजार करना पड़ रहा है.

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भव्या डिजिटल प्लेटफॉर्म के हॉस्पीटल मैनेजमेंट सिस्टम (एचआइएमस) से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के औसतन समय से अधिक रहने पर सिविल सर्जन डॉ राजू ने कई उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक पर कार्रवाई की है. इसमें संबंधित उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है. साथ ही मरीजों के औसतन समय को अधिकतम 30 मिनट तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

सिविल सर्जन ने कहा है कि 9 से 14 फरवरी तक भव्या पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का इलाज के लिए औसतन इंतजार करने का समय 42 मिनट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हवेली खड़गपुर में 64 मिनट, संग्रामपुर में 48 मिनट, टेटियाबंबर में 39 मिनट व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में 39 मिनट है. इलाज कराने में अनुमंडलीय अस्पताल, तारापुर में औसतन 41 मिनट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरहरा का 63 मिनट, हवेली खड़गपुर में 61 मिनट, संग्रामपुर में 67 मिनट, टेटियाबंबर में 48 मिनट पाया गया है. ऐसे में सदर अस्पताल उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल, तारापुर उपाधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरहरा, संग्रामपुर, हवेली खड़गपुर, टेटियाबंबर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण किया गया है. साथ ही भव्या पोर्टल पर अपेक्षित कार्रवाई का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे व इलाज के लिए आने वाले मरीजों के औसतन इंतजार करने के समय और इलाज कराने के औसतन समय को अधिकतम 30 मिनट करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

क्या है औसतन वेटिंग टाइम और जर्नी

दरअसल, भव्या पोर्टल पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज के अपने निबंधन कराने से लेकर वाइटल जांच के बाद चिकित्सक तक इलाज कराने के लिए जो समय लगता है. उसे औसतन वेटिंग टाइम अर्थात मरीजों द्वारा इलाज के कराने के लिए किये गये इंतजार का समय होता है. जबकि औसतन जर्नी टाइम निबंधन से लेकर चिकित्सक से दिखाने के बाद दवा लेने तक के समय को औसतन जर्नी टाइम अर्थात इलाज कराने में लगा समय माना जाता है. इसकी निगरानी भी विभाग द्वारा की जाती है. जबकि विभाग द्वारा औसतन वेटिंग और जर्नी टाइम को अधिकतम 30 मिनट रखने का निर्देश दिया गया है.

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By AMIT JHA

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