लापरवाही : बिना ढके वाहनों से ढोया जा रहा कूृड़ा-कचरा, शहर की आबोहवा बिगाड़ रहा निगम

वाहनों पर इन कचरों को बिना ढंके ही ढोया जा रहा है. कूड़ा वाहन में क्षमता से अधिक कूड़ा डाल दिया जाता है.

– ब्रेक लगने या गड्ढे में वाहन फंसने पर पीछे चल रहे लोगों पर गिरती है गंदगी

मुंगेर

नगर निगम मुंगेर द्वारा अधिकृत सफाई एजेंसी शहर की सफाई व्यवस्था से लेकर कूड़ों के उठाव तक में लापरवाही बरत रही है. एक ओर जहां घर-घर कचरा संग्रहण पटरी पर नहीं आ पाया है, वहीं नियमित कूड़ों का उठाव सभी वार्डों से नहीं हो पा रहा है. हद तो यह है कि प्रतिबंध के बावजूद एजेंसी द्वारा अभी भी खुले वाहनों से ही कचरे को ढो रही है. जिसके कारण शहर की आबोहवा बिगड़ रहा है और राहगीर परेशान हैं.

बिना ढके ही ट्रैक्टर व मिनी हाइवा से ढोया जा रहा कूड़ा कचरा

नगर निगम का डंपिंग यार्ड लगभग 4 किलोमीटर दूर चुरंबा में अवस्थित है. शहर से उठने वाले कचरों को ट्रैक्टर, मैजिक एवं डंपर से डंपिंग यार्ड पहुंचाया जाता है. निगम द्वारा खरीदी गयी 12 ट्रैक्टर, 10 मैजिक एवं 2 डंपर पर कूड़ा-कचरा भर कर डंपिंग यार्ड पहुंचाया जाता है. लेकिन वाहनों पर इन कचरों को बिना ढंके ही ढोया जा रहा है. कूड़ा वाहन में क्षमता से अधिक कूड़ा डाल दिया जाता है. लेकिन वाहनों को कवर नहीं किया जाता है. मुख्य बाजार को पार कर कई मुहल्लों से होकर कचरा वाहन डंपिंग यार्ड तक पहुंचता है. लेकिन वाहनों को कवर नहीं करने के कारण ट्रैक्टर से कूड़ा-कचरा सड़कों गिरता है. जिससे आम आवाम परेशान है. विदित हो कि नगर निगम में कुल 45 वार्ड है आम दिनों में प्रतिदिन 80 से 90 टन कूड़ा शहर से निकलता है. लेकिन दीपावली के कारण घरों में विशेष तौर पर साफ-सफाई हो रही है, जिसके कारण वर्तमान समय में 110 से 120 टन कचरा निकल रहा है. जिसकी ढुलाई बिना ढंके ही वाहनों से की जा रही है.

मुहल्लेवासियों के साथ राहगीर परेशान

बिना ढंके वाहनों से कूड़ा ढोने के कारण मुहल्लेवालों के साथ ही राहगीर परेशान है. क्योंकि मुख्य बाजार के साथ ही कई रिहायसी मुहल्लों से यह वाहन गुजरती है. कचरा वाहनों पर कभी-कभी ओवरलोड कचरा रहता है. जिसके कारण गड्ढे में वाहन का पहिया पड़ते की कचरा नीचे गिर रहा है, तो वहीं हवा के वेग से भी सड़क पर कचरा गिर जाता है. कई बार ऐसे हालात भी बने हैं कचरा वाहन के पिछे अथवा साइड से चल रहे राहगीरों पर कचरा गिर पड़ता है. खुले में कचरा ढोने से दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है. कूड़ा गाड़ी के पीछे आवागमन करने वाले राहगीर व वाहन चालक के आंखों में कचरा का कण पड़ रहा है. इससे दुर्घटना की संभावना बनी हुई है. साथ ही कूड़े के दुर्गंध से लोगों को परेशानी भी हो रही है.

बिगड़ रही शहर की आबोहवा, संक्रमण का बढ़ रहा खतरा

शहर से प्रतिदिन 24 वाहनों से 100 टन सूखा व गीला कचरा ढोया जा रहा है. लेकिन बिना ढंके ही इसकी ढुलाई हो रही है खुले में कचरा ढोने से दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है. जिसके कारण शहर की आबोहवा बिगड़ रही है. खुले में कचरे के परिवहन से क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. चिकित्सकों का कहना है कि कूड़े से बीमारियां फैलती हैं यह सबको पता है. वाहनों में जब कूड़े को जगह-जगह से लाया जाएगा तो बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ जाएगा. इसीलिए कूड़े को ढककर ले जाने का नियम है. नगर निगम को इसका ध्यान रखना चाहिए कि कूड़ा निस्तारण व्यवस्था से नागरिकों की सोहत को नुकसान न हो.

क्या है कचरा ढुलाई का नियम

खुले वाहनों में कचरा ढुलाई पर प्रतिबंध है. बावजूद यहां खुले वाहनों में कचरा ढोया जा रहा है. नियमानुसार वाहनों में कचरा भरने के बाद उसे तिरपाल या नेट कस कर ढकना है. कचरा परिवहन में सूखा और गीला कचरा अलग रखना है. वाहन की क्षमता से अधिक कचरा नहीं भरना है. लेकिन निगम द्वारा अधिकृत सफाई एजेंसी इसका पालन नहीं कर रहे है.

कहते हैं स्वच्छता प्रभारी

नगर निगम के स्वचछता प्रभारी मो गुलाम रब्बानी ने बताया कि खुले वाहनों से कचरा ढोने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. सफाई एजेंसी को निर्देश है कि बिना ढंके कचरों की ढुलाई नहीं करें. अगर ऐसा हो रहा है तो वे स्वयं गुरुवार को इसकी जांच करेंगे और खुले में कचरा ढुलाई करते पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेंगी.

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Published by: Birendra kumar sing

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