मानसून के दस्तक देने के साथ ही मुंगेर जिले में बारिश का दौर शुरू हो चुका है. इसके साथ ही मौसमी बीमारियों, खासकर बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा देखा जा रहा है. सदर अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में रोजाना मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं. वहीं दूसरी ओर, बारिश के कारण मुंगेर शहर के विभिन्न मोहल्लों में हो रहे जलजमाव से डेंगू संक्रमण (Dengue Infection) फैलने की आशंका काफी गहरा गई है.
ओपीडी में उमड़ी भीड़: 20 दिनों में आए सैकड़ों मरीज
मानसून की शुरुआत होते ही सदर अस्पताल, मुंगेर में मरीजों का दबाव काफी बढ़ गया है. अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जुलाई माह के शुरुआती 20 दिनों की स्थिति इस प्रकार है:
- इमरजेंसी वार्ड: 20 दिनों में 124 मरीज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे, जबकि 26 मरीजों को सांस में अत्यधिक तकलीफ के कारण भर्ती कराना पड़ा.
- ओपीडी (OPD): ओपीडी में इन 20 दिनों के भीतर लगभग 800 बुखार के मरीज और 500 सांस की तकलीफ से जूझ रहे मरीज इलाज कराने पहुंचे.
डेंगू का 'द्विवर्षीय चक्र' बढ़ा रहा चिंता
स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, मुंगेर जिले में डेंगू का एक खास 'द्विवर्षीय चक्र' (2-Year Cycle) देखने को मिलता है, जिसके तहत हर दो साल में डेंगू के मामलों में अप्रत्याशित उछाल आता है:
- 2017 में पहला बड़ा उछाल: जिले में डेंगू के 271 मामले दर्ज किए गए थे.
- 2023 में टूटा रिकॉर्ड: कोरोना काल के बाद साल 2023 में मुंगेर जिले में इतिहास के सबसे अधिक 843 डेंगू मरीज पाए गए थे.
- 2024 व 2025 में राहत: 2024 में डेंगू के केवल 77 और 2025 में महज 16 मामले सामने आए.
- 2026 में खतरे की घंटी: द्विवर्षीय चक्र के पैटर्न के अनुसार, दो साल के अंतराल के बाद इस वर्ष (2026) मुंगेर में डेंगू के केस बढ़ने का पूरा अंदेशा है.
जलजमाव से पनप रहे मच्छर, सिविल सर्जन बोले—तैयारी पूरी
शहर के निचले इलाकों और गलियों में जमा बारिश का पानी डेंगू का वाहक बन रहे एडीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है.
"बारिश के मौसम में वायरल फीवर और सांस की समस्याएं बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है. जिले में 'डेंगू माह' मनाया जा रहा है, जिसके तहत आम लोगों को जलजमाव न होने देने और बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. साथ ही ग्रामीण और शहरी संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी-लार्वा (Anti-Larva) दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया गया है.": सिविल सर्जन डॉ. राजू
