अप्राकृतिक यौनाचार के शिकार 4 वर्षीय बालक को लेकर दर-दर भटक रहे परिजन

दोपहर का समय था और उसकी पत्नी बाहर में कपड़ा धो रही थी.

– थाना ने इंज्यूरी बनाने भेजा अस्पताल, परिजन इमरजेंसी व पीकू वार्ड का काट रहे थे चक्कर

– अस्पताल उपाधीक्षक की पहल पर हुआ पीड़ित का इलाज

मुंगेर

शामपुर थाना क्षेत्र के जवायत पुरुषोत्तमपुर गांव में रविवार को एक नाबालिग ने अपने ही चचेरे भाई 4 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार की घटना को अंजाम दिया, लेकिन 24 घंटे बाद भी अबतक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई है. क्योंकि थाना ने बिना आवेदन व पूछता किये ही इंज्यूरी बनाने के लिए प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र हवेली खड़गपुर भेज दिया. जहां से उसे मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद भी बालक के परिजनों को काफी चक्कर लगाने के बाद अस्पताल उपाधीक्षक की पहल पर उसका इलाज संभव हो पाया.

सदर अस्पताल में पीड़ित बालक के पिता ने बताया कि रविवार को वह अपने बेटे को चिकित्सक से दिखाने के लिए गया था. दोपहर का समय था और उसकी पत्नी बाहर में कपड़ा धो रही थी. इसी बीच उसका चार वर्षीय बच्चा घर में चिल्लाने लगा. जब पत्नी अंदर गयी तो देखा उसके बच्चे लहू-लूहान था. साथ ही उसका एक भतीजा कमरे से निकल कर बाहर भाग गया. उसके भतीजा ने ही उसके मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया.

सदर अस्पताल में घंटों पीड़ित बच्चे को लेकर चक्कर काटता रहा पिता

पीडित बच्चे के पिता ने बताया कि जब वह घर आया और पत्नी ने घटना की जानकारी दी तो वह अपने बच्चे को लेकर शामपुर थाना गया. जहां शिकायत किया तो एक दारोगा साहब ने कहा कि पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर इसका इलाज कराये, इंज्यूरी बनाये, दोषियों पर कार्रवाई होगी. जिसके बाद हमलोग अपने बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गपुर इलाज के लिए ले गये. जहां से हमारे बच्चे को सदर अस्पताल मुंगेर रेफर कर दिया. सोमवार को बच्चे को लेकर हमलोग सदर अस्पताल मुंगेर के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे. जहां खड़गपुर के रेफर चिट्ठा पर इलाज करने की जगह हमलोगों को पीकू वार्ड भेज दिया गया. वहां पहुंचने पर कहा कि पुलिस का मामला है, आपलोग इमरजेंसी वार्ड जाए. कई बार चक्कर काटने के बाद किसी ने अस्पताल उपाधीक्षक को जानकारी दी. जिसके बाद हमारे बच्चे का इलाज हुआ.

कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गपुर से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया है. जिसके आधार पर उसका यहां इलाज किया गया. पुलिस उसे लेकर नहीं आई थी, जिसके कारण बोर्ड का गठन नहीं किया गया. पुलिस केश होने पर बोर्ड का गठन कर जांच किया जायेगा.

कहते हैं थानाध्यक्ष

शामपुर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि ऐसे मामले में पुलिस त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई करती है. लेकिन रविवार को कोई भी इस तरह की शिकायत लेकर थाना नहीं पहुंचे थे. सोमवार को जब वे कोर्ट में थे तो जानकारी हुई कि बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार की शिकायत लेकर कुछ लोग थाना पहुंचे है. पीड़ित परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जायेंगी.

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Published by: Birendra kumar sing

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