तिलडीहा दुर्गा मंदिर में लगने वाला मेला को राजकीय मेला का दर्जा प्रदान करने की कवायद शुरू

मुंगेर और बांका जिला के सीमा पर ऐतिहासिक धार्मिक सिद्धपीठ तिलडीहा दुर्गा स्थान में दशहरा के मौके पर लगने वाले मेले को राजकीय मेला का दर्जा प्रदान करने की कवायद शुरू हो गयी है.

तारापुर . मुंगेर और बांका जिला के सीमा पर ऐतिहासिक धार्मिक सिद्धपीठ तिलडीहा दुर्गा स्थान में दशहरा के मौके पर लगने वाले मेले को राजकीय मेला का दर्जा प्रदान करने की कवायद शुरू हो गयी है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया है. विभाग के सहायक निदेशक, भू अर्जन सह संयुक्त सचिव राजीव वत्सराज ने समाहर्ता बांका को पत्र लिखकर बांका जिला के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत हरबंशपुर तिलडिहा में स्थापित मां दुर्गा मंदिर में आयोजित होने वाले मेले को राजकीय मेला का दर्जा प्रदान करने, मेले को ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व को दर्शाते हुए मेले की अवधि, मेले में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सहित मेले को बिहार राज्य मेला प्राधिकार में सम्मिलित करने के बिंदु पर प्रस्ताव मंतव्य विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. विदित हो कि इस स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आते हैं. खासकर मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है और मेला लगता है. दशहरा के समय 24 घंटा एक जैसी भीड़ रहती है. पाठा बली के क्रम में छोटे स्थल पर बड़ी भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती है. मेला के विस्तार और नागरिक सुविधा के संबंध में स्थानीय लोगों के तरफ से सरकार से मांग होती रही है. उपमुख्यमंत्री का भी इस क्षेत्र से पूर्व से लगाव बना हुआ है और विशेष अवसर पर उनकी उपस्थिति भी होती है. उनके इस पहल का क्षेत्र में स्वागत हो रहा है.

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