मलमास लगते ही थमा शादी-विवाह का दौर, बाजार में छायी विरानी
हिंदू पंचांग के अनुसार मलमास (अधिमास) शुरू होते ही शुभ कार्यों पर विराम लग गया है
कपड़ा, ज्वेलरी, टेंट-डेकोरेशन, बर्तन कारोबार हुआ धड़ाम, हलवाई का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित
मुंगेर.
हिंदू पंचांग के अनुसार मलमास (अधिमास) शुरू होते ही शुभ कार्यों पर विराम लग गया है. इसी के साथ शादी-विवाह का सीजन भी थम गया है, जिसका सीधा असर बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है. क्योंकि कपड़ा, ज्वेलरी, टेंट-डेकोरेशन, बर्तन और शादी से जुड़े अन्य व्यवसायों में अचानक सुस्ती आ गई है. जिसके कारण बाजार में विरानी छा गयी और बाजार का कारोबार बुरी तरह धड़ाम हो गया है.
15 जून तक मलमास, शुभ कार्य पर लगा ब्रेक
सनातन धर्म में हर काम के लिए शुभ-अशुभ समय देखा जाता है. ताकि कार्य का शुभ फल मिले. वहीं साल के कुछ महीने जैसे- खरमास, मलमास और चातुर्मास में शादी, गृहप्रवेश, मुंडन, नए काम की शुरुआत करना वर्जित है. वहीं राहुकाल-भद्राकाल में कोई काम नहीं किया जाता है. अभी 14 अप्रैल 2026 को सूर्य के मीन राशि से निकलते ही खरमास खत्म हुआ है. वहीं अब 17 मई 2026 से मलमास शुरू हो गया, जो कि 15 जून 2026 तक चलेगा. धर्म-शास्त्रों में मलमास में शुभ कार्य नहीं होगा. शादियों की धूम अब पूरी तरह थम गई है.
बाजार हुआ धड़ाम, शुभ मुहूर्त का इंतजार
मलमास के कारण बाजार में कारोबार बुरी तरह से धड़ाम हो गया है. जिसके कारण बाजार मे कारोबार की स्थिति 50 प्रतिशत तक प्रभावित हो गया है. कपड़ा और टेंट-डेकोरेशन से जुड़े व्यवसायों पर इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है. साड़ी, लंगहा सहित शादी का कपड़ा के लिए प्रसिद्ध श्री वस्त्रालय के प्रोपराइटर संजय चमड़िया ने बताया कि मलमास लगते ही शुभ कार्य बंद हो गया. जिसका बुरा असर कपड़ा के कारोबार पर पड़ा है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मुंगेर बाजार में लगन और अन्य शुभ कार्यक्रम के कारण प्रतिदिन 1 करोड़ का कपड़ा का कारोबार हो रहा है. लेकिन मलमास लगते ही 50 प्रतिशत से अधिक कारोबार प्रभावित हो गया है. इसी तरह बर्तन दुकानदारों की भी बिक्री पर असर पड़ा है, क्योंकि शादी-ब्याह में स्टील और अन्य बर्तनों की खरीदारी अधिक होती है. जो मलमास लगने से अचानक बंद पड़ गया है. व्यापारियों का कहना है कि अब उन्हें अगले शुभ मुहूर्त का इंतजार है, जब बाजार में फिर से रौनक लौटेगी.
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