Waterlogging Civic Negligence : नगर परिषद की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. हल्की बारिश के बाद ही हवेली खड़गपुर के एसडीओ आवास रोड पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. सबसे अधिक परेशानी सड़क किनारे स्थित शिव मंदिर के सामने देखने को मिल रही है, जहां सावन माह में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है.
पहली बारिश में ही खुली नाला निर्माण की पोल
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ माह पूर्व नगर परिषद ने लाखों रुपये की लागत से सड़क किनारे नाले का निर्माण कराया था. निर्माण के समय दावा किया गया था कि वर्षों पुरानी जलनिकासी की समस्या समाप्त हो जाएगी. लेकिन पहली ही बारिश में नाले की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं. सड़क पर जमा पानी की निकासी नहीं हो रही है और जलजमाव की समस्या पहले की तरह बनी हुई है.
एफसीआई गोदाम के कारण बढ़ रही परेशानी
एसडीओ आवास के समीप स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम तक प्रतिदिन चावल लदे भारी मालवाहक ट्रकों का आवागमन होता है. लगातार भारी वाहनों के चलने और सड़क पर जलजमाव के कारण राहगीरों एवं दोपहिया वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है.
बोर्ड बैठक में उठेगा मुद्दा
नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद दीपक यादव ने कहा कि सावन जैसे पवित्र माह में नाला निर्माण के बाद भी जलनिकासी नहीं होना और शिव मंदिर के सामने जलजमाव की स्थिति अत्यंत गंभीर विषय है. उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को नगर परिषद की बोर्ड बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा.
घटिया निर्माण करने वालों पर हो कार्रवाई
दीपक यादव ने कहा कि जिन संवेदकों द्वारा घटिया निर्माण कार्य या अनियमितता बरती जाती है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती है, ऐसे संवेदकों को काली सूची में डालना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से तत्काल जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने, नाले की तकनीकी जांच कराने तथा सड़क पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका लाभ धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए. एसडीओ आवास रोड की वर्तमान स्थिति नगर परिषद के विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
