गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. गांव से लेकर शहर तक बाढ़ का पानी फैलने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. दियारा और गंगा पार के कई इलाकों में लोगों को आवागमन, भोजन और रहने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज ने मोटरबोट से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.
कुतलूपुर समेत विभिन्न पंचायतों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी गंगा पार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और कुतलूपुर समेत विभिन्न पंचायतों का निरीक्षण किया. उन्होंने बाढ़ की स्थिति, जलजमाव और ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली. इस दौरान डीएम ने प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां सुनीं. साथ ही प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं सहायता के संबंध में भी जानकारी ली.
प्रभावित लोगों के बीच बांटी गई पॉलिथीन शीट
निरीक्षण के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया, ताकि बारिश और बाढ़ के पानी से बचाव के लिए उन्हें तत्काल राहत मिल सके. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष रखी समस्याएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीम के पहुंचने से ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी. ग्रामीणों ने आवागमन, खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया. अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
राहत और बचाव कार्यों की निगरानी
दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति का स्थल निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की. प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
