एक जुलाई से खतरनाक घाटों पर होगी गोताखोरों की तैनाती

संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासनिक स्तर से तैयारी शुरू, 84 नावों का अब तक कराया जा चुका है निबंधन, दो नाव है सरकारी

मुंगेर. कई दिनों से गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है और वर्तमान में गंगा का जलस्तर 32.90 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से काफी नीचे है. प्रशासनिक स्तर पर संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गयी है. एक ओर जहां आवश्यक सामग्रियों का भंडारण, गोताखोर व एसडीआएफ टीम की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है. वहीं दूसरी ओर नावों के निबंधन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है.

38 पंचायतों की 3.12 लाख जनसंख्या होती है प्रभावित

आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के छह प्रखंड मुंगेर सदर, बरियारपुर, धरहरा, जमालपुर, असरगंज एवं हवेली खड़गपुर बाढ़ से प्रभावित होते हैं. इन छह प्रखंडों के 38 पंचायत के 291 गांव बाढ़ ग्रस्त होते हैं. यहां निवास करने वाले 74 हजार से अधिक परिवार की आबादी 3.12 लाख है, जो बाढ़ से प्रभावित होती है. मुंगेर में बाढ़ का वार्निंग लेकर 38.33 मीटर है और खतरे का निशान 39.33 मीटर है. खतरे के निशान को जैसे ही पानी पार करता है, वैसे ही बाढ़ की समस्या विकराल हो जाती है. हालांकि अभी गंगा का वाटर लेवल 32.90 मीटर है और शनिवार की सुबह 10 बजे के बाद वाटर लेबल प्रति घंटा 2 सेंटीमीटर नीचे उतर रहा है.

35 राज्यस्तरीय प्रशिक्षित गोताखोरों की होगी तैनाती

बताया जाता है कि संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गयी है. बाढ़ में फंसे लोगों के जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े स्तर पर नाव की जरूरत पड़ती है. सरकारी स्तर पर मात्र दो नाव है जिला प्रशासन के पास है. इसलिए निजी नावों को प्रशासनिक स्तर पर भाड़ा पर लिया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर अब तक 84 नावों का निबंधन कराया जा चुका है. जिससे प्रशासनिक स्तर पर इकरारनामा की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गयी है. जबकि और निजी नाव मालिक से एग्रीमेंट कर नावों के निबंधन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. जबकि राज्य स्तरीय प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या यहां 35 है और 299 आपदा मित्र हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 35 राज्यस्तरीय प्रशिक्षित गोताखोरों को खतरनाक घाट पर 1 जुलाई से प्रतिनियुक्त किया जायेगा. इन गोताखोरों को विभिन्न थानों को दिया जायेगा. जहां से इनकी तैनाती खतरनाक घाटों पर की जायेगी.

142 लाइफ जैकेट के साथ ही एक महाजाल रखा गया है सुरक्षित

संभावित बाढ़ को देखते हुए 142 लाइफ जैकेट को सुरक्षित रखा गया है. जबकि पीड़ित परिवार को बारिश, धूप से बचाने के लिए 31296 पॉलीथिन शीट्स और एक महाजाल सहित अन्य आपदा सामग्रियों को सुरक्षित रखा गया है. बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में 72 राहत शिविर और 58 सामुदायिक रसोई घर का चयन किया गया है. जबकि खाद्य सामग्री, पॉलीथिन शीट्स, टेंट-पंडाल का दर निर्धारित कर लिया गया है. इसके लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर आपूर्तिकर्ता से एकरारनामा किया जा चुका है.

कहते हैं अधिकारी

सदर एसडीओ सह जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी कुमार अभिषेक ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर संभावित बाढ़ की तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है. जो कार्य शेष बच गये हैं, उसे बाढ़ से पहले पूरी कर लिया जायेगा. राहत व बचाव में कोई दिक्कत नहीं आयेगी..

किस प्रखंड के कितने पंचायत हैं प्रभावित

प्रखंड का नाम प्रभावित पंचायत की संख्या

मुंगेर सदर 13

बरियारपुर 11

धरहरा 03

जमालपुर 05

असरगंज 02

हवेली खड़गपुर 04

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By Birendra kumar sing

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