Jan Sunwai: जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने समाहरणालय में आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं. जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं. जन सुनवाई में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, भूमि अतिक्रमण और दाखिल-खारिज से जुड़े रहे.
फर्जी स्टाम्प बिक्री की जांच की उठी मांग
मुंगेर शहर के बेटवन बाजार अरगरा रोड निवासी पूजा रानी ने स्टाम्प विक्रेता बसंत अग्रवाल पर गलत और फर्जी तरीके से बैक डेटेड स्टाम्प बेचने तथा रजिस्टर में कथित रूप से जालसाजी करने का आरोप लगाया. उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.
आम रास्ता बंद करने की शिकायत
कासिम बाजार थाना क्षेत्र के चुआबाग गली नंबर-पांच निवासी उषा देवी, तारणी चौधरी और राजेश कुमार ने अपने पड़ोसी पर जबरन आम रास्ता बंद करने का आरोप लगाया. उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर रास्ता पुनः खुलवाने और लोगों के आवागमन को सुचारु करने का अनुरोध किया.
परिमार्जन आवेदन बार-बार रद्द होने का आरोप
संदलपुर निवासी विश्वनाथ चौरसिया ने सदर अंचल के एक कर्मचारी पर उनके परिमार्जन आवेदन को बिना उचित कारण बार-बार रद्द करने का आरोप लगाया. उन्होंने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की.
मारपीट और अभद्र व्यवहार की भी शिकायत
बरियारपुर ब्रह्मस्थान निवासी रूपा कुमारी ने अपने देवर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. उन्होंने जिलाधिकारी से सुरक्षा और न्याय दिलाने का अनुरोध किया.
डीएम ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने जन सुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को त्वरित न्याय मिल सके.
