नलजल योजना के जलमीनार से बीमारी फैलने की आंशका से लोग परेशान
संग्रामपुर. संग्रामपुर प्रखंड क्षेत्र के ददरीजाला पंचायत के सरकटिया गांव में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. ग्रामीणों के अनुसार वार्ड नौ में नल-जल योजना से आपूर्ति हो रहे दूषित पानी के कारण ही बीमारी फैली है. इधर स्थिति गंभीर होते ही 27 अक्तूबर को ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने वार्ड संख्या नौ स्थित जलमीनार से पानी की सप्लाई बंद कर दी, लेकिन इसके बाद क्षेत्र में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था विभाग द्वारा नहीं किये जाने से गांव में अब पेयजल संकट गहराने लगा है.ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने पानी की आपूर्ति तो रोक दी, लेकिन अबतक वैकल्पिक पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. डायरिया का प्रकोप 26 अक्तूबर की रात से शुरू हुआ था. आरंभ में कुछ मरीजों में लक्षण दिखे, लेकिन 27 और 28 अक्तूबर तक मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 50 पहुंच गयी. कई मरीजों का इलाज स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में ही किया, जबकि गंभीर मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर भेजा गया. वहीं इनमें से आधा दर्जन मरीजों को स्थिति नाजुक होने पर मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. ग्रामीणों ने कहा कि नलजल योजना का पानी जमीन के अंदर से बोरिंग के जरिये ही आता है, यदि पानी से संक्रमण फैला है तो गांव में लगे चापानल या अन्य बोरिंग के पानी से भी संक्रमण फैल सकता है, लेकिन पीएचडी विभाग ने केवल पानी का सैंपल लेकर और जलमीनार से पानी सप्लाई बंद कर अपना कार्य पूरा कर लिया, जबकि विभाग को इसके बाद गांव में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी. हीलांकि इसे लेकर जब पीएचडी के कनीय अभियंता दिनेश यादव से संपर्क करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. इधर विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गयी है.
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