स्टैंडिंग कमेटी चुनाव : महापौर एवं उप महापौर गुट आमने सामने, 20 अप्रैल को अग्निपरीक्षा

स्टैंडिंग कमेटी पर कब्जा करने को लेकर दिन-रात एक कर दिया है. एक ओर जहां पार्टियों का दौर चल रहा है,

– स्टैंडिंग कमेटी चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, वार्ड पार्षदों की गोलबंदी शुरू

– पहली बार वार्ड पार्षदों की हो रही पूछ, पार्टियों का दौर शुरू

मुंगेर

——————–

नगर निगम मुंगेर के स्टैंडिंग कमेटी यानी सशक्त स्थायी समिति सदस्यों का चुनाव 20 अप्रैल को होगा. जिसके कारण निगम की स्टैंडिंग कमेटी में अपने-अपने गुट के पार्षदों की जीत सुनिश्चित करने को लेकर सियासत तेज हो गयी है. सबसे अहम और दिलचस्प बात यह है कि यहां महापौर और उप महापौर गुट सीधे आमने-सामने है और सात सदस्यों वाली स्टैंडिंग कमेटी पर कब्जा करने को लेकर दिन-रात एक कर दिया है. एक ओर जहां पार्टियों का दौर चल रहा है, वहीं धन-बल का भी खेल खेला जा रहा है.

सलेक्शन नहीं, 20 को होगा इलेक्शन, बढ़ी टेंशन

स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का अब सलेक्शन नहीं, बल्कि इलेक्शन होगा. जिसके कारण टेंशन काफी बढ़ गयी है. क्योंकि पहले मेयर अपने गुट के पार्षदों को ही स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य बनाते थे. ताकि कमेटी में किसी प्रस्ताव को पास कराने और निर्णय लेने में परेशानी नहीं हो. लेकिन चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही मेयर गुट की परेशानी बढ़ गयी है. विदित हो कि मुंगेर नगर निगम और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव 20 अप्रैल को नगर निगम सभागार में आयोजित की गयी है. जिसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दिया गया है. अपर समाहर्ता मनोज कुमार को निर्वाची पदाधिकारी बनाया गया है. जबकि सातों सीट के लिए सात सहायक निर्वाची पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है. 20 अप्रैल की सुबह 8 बजे से 10 बजे तक नामांकन होगा, जबकि सुबह 11 बजे से मतदान शुरू होगा. मतदान समाप्ति के उपरांत मतगणना, प्रमाण पत्र वितरण और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा.

मेयर व डिप्टी मेयर गुट आमने-सामने, गुटबाजी हुई तेज

मुंगेर नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव काफी दिलचस्प होगा. क्योंकि यहां मेयर और उप मेयर के बीच शुरूआत से ही छत्तीस का आंकड़ा है. क्योंकि बोर्ड, बजट और महत्वपूर्ण बैठक से डिप्टी मेयर खुद को अलग रखते है. अब जबकि स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों का चुनाव होना है तो दोनों गुटों की गुटबाजी तेज हो गयी है. स्टैंडिंग कमेटी में अपने-अपने गुट के सदस्यों को जिताने के दोनों गुटों ने वार्ड पार्षदों की गोलबंदी शुरू कर दी है. विदित हो कि 13 अप्रैल को नगर निगम का बजट पेश होना था. इस दौरान दोनों गुटों ने अपना-अपना शक्ति परीक्षण किया. एक ओर जहां डिप्टी मेयर ने 24 वार्ड पार्षदों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन स्टैंडिंग कमेटी चुनाव के बाद बजट बैठक बुलाने को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी सहित अन्य को सौंप कर अपने पक्ष में वार्ड पार्षदों का समर्थन दिखाने का प्रयास किया. वहीं 32 पार्षदों ने अपना हस्ताक्षर युक्त पत्र मेयर को देकर 13 अप्रैल को बजट बैठक का समर्थन किया था. यह बजट सत्र का नहीं, बल्कि स्टैंडिंग कमेटी चुनाव को लेकर था. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कई वार्ड पार्षद ऐसे है जो दोनों गुटों में दिख रहे है. इतना ही नहीं बजट की बैठक में भी 28 से 29 वार्ड पार्षद ही पहुंचे थे. जो गुटबाजी को दर्शाता है.

वार्ड पार्षदों की बढ़ी पूछ, धन-बल का खेल शुरू

दिसंबर 2022 में मेयर व डिप्टी मेयर को डायरेक्ट जनता ने चुना था. जबकि निगम के 45 वार्ड पार्षदों को भी वार्ड की जनता ने चुना था. लेकिन वार्ड पार्षदों की पूछ पहले की तुलना में काफी कम हो गया. जो वार्ड पार्षदों के चेहरे पर साफ दिखाई पड़ती थी. लेकिन जैसे ही स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों के चुनाव की बारी आई, वैसे ही पहली बार वार्ड पार्षदों का डिमांड बढ़ा और उनकी पूछ अचानक बढ़ गयी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल को बजट पेश होने वाला था और उससे एक दिन पहले एक वार्ड के घर पर लंबा-चौड़ा पार्टी का आयोजन किया गया. जिसमें वार्ड पार्षदों के साथ वार्ड पार्षद पति ने जमकर लुप्त उठाया. इतना ही नहीं स्टैंडिंग कमेटी में अपने गुट के सदस्यों को जिताने के लिए धन-बल का खेल भी शुरू हो गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Birendra kumar sing

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >