Chhath Puja: बिहार की इस सूखी नदी में होगा छठ, लोगों ने जल संग्रह कर बना दिये 125 से अधिक घाट

Chhath Puja: सुखी हुई बदुआ नदी में स्थानीय युवकों और ग्रामीणों के अथक प्रयास से छठि पर्व पर घाटों का निर्माण किया गया है. अब तक करीब 125 घाट का निर्माण हुआ है.

Chhath Puja: मुंगेर. बिहार के मुंगेर जिले में एक नदी के सूख जाने से छठि व्रतियों के सामने संकट खड़ा हो गया था. ऐसे में लोगों ने एक रास्ता निकाला और नदी के अंदर के दो नहीं बल्कि पूरे 125 घाट बना डाले. लोगों के इस तरकीब ने नदी के अंदर इस अनोखे घाट को अजुबा बना दिया है और दूर दूर से लोग इस देखने आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह अपने आप में एक अनूठा घाट है. यहां महिला छठ व्रतियों के लिए चेंजिंग रूप की व्यवस्था भी की गयी है. लाइटिंग की भी व्यवस्था है.

सूखी बदुआ नदी में बना है घाट

मुंगेर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलो मीटर दूर तारापुर अनुमंडल स्थित मुंगेर और बांका जिला के बॉर्डर पर तारापुर छतहार के पास सुखी हुई बदुआ नदी में स्थानीय युवकों और ग्रामीणों के अथक प्रयास से छठि पर्व पर घाटों का निर्माण किया गया है. लोगों का कहना है कि नदी में पानी कम हो जाने के बाद नदी में ही ज़िग जैग टाइप का क्यारी का निर्माण किया गया और अब तक करीब 125 घाट का निर्माण हुआ है. स्थानीय युवकों ने इन घाटों का निर्माण महज 10 दिनों में किया है.

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जमा किया गया हनुमाना डैम का पानी

लोगों का कहना है कि हर साल दर्जनों ग्रामीण दीपावली के बाद से साफ-सफाई कर नदी में घाट को तैयार करने में लग जाते है. इस बार नदी में पानी ना के बराबर था. युवाओं ने घाटों को इस तरह से निर्माण किया है कि छठ व्रति अच्छे तरीके से पूजा कर सके. इस घाट का निर्माण इस तरह किया गया है कि हनुमाना डैम से निकल रहा पानी एक समान सभी क्यारी में फैल जाता है. कम पानी में ही सही लेकिन यहां लोग भगवान सूर्य को अर्घ्य देंगे. लोगों ने कहा कि घर के छत पर या आंगन में करने से यह एक बेहतर विकल्प है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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