मुंगेर. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ही जिले में मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया. जिसके बाद सभी प्रत्याशी चुनाव कार्यालय में देर रात तक बूथवार वोटों की चर्चा की और रात भर भरपूर नींद लेकर अपनी थकान उतारी, जबकि शुक्रवार की सुबह नींद खुलते ही प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने पहले अखबार पढ़ा और इसके बाद हार-जीत के आकलन में जुट गये. चाय की चुस्कियों के बीच अपने बूथों का अनुमान लगाते रहे. फिर फोन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की. सभी प्रत्याशी अपने-अपने तरीके से अनुमान लगाने में जुटे हैं. जबकि उनके समर्थक जीत-हार का गुणा-भाग करते रहे. प्रत्याशियों ने शुक्रवार की सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले अखबारों की समीक्षा की. इसके बाद फोन पर कार्यकर्ताओं और नेताओं से बूथों की जानकारी ली. कहीं प्रत्याशियों के घरों पर तो कहीं चुनावी कार्यालय में जीत-हार पर मंथन चलता रहा. प्रत्याशियों से अधिक उनके प्रमुख नेता व एजेंट बूथवार कार्यकर्ताओं से अपने पक्ष में पड़े वोटों की जानकारी ली. साथ ही दूसरों को कितना वोट पड़ा उसकी भी जानकारी इकट्टा की. वोटों के गुणा-भाग में माहिर प्रत्याशियों के विशेष सलाहकारों ने उनकी जीत को सुनिश्चित कर दिया, लेकिन उनके वोटों का गुणा-भाग कितना सटिक होगा, यह तो 14 नवंबर को मतगणना के दिन ईवीएम खुलने के बाद ही तय होगा.
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