अब पटना से होगी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी की निगरानी, सदर और अनुमंडल अस्पतालों में बढ़ेगी सुरक्षा

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे निगरानी की जाएगी. अनुपस्थित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी.

Munger News: बिहार स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुंगेर सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में अब चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी की निगरानी सीधे राज्य स्तर से की जाएगी. इसके लिए पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सक्रिय कर दिया गया है, जहां से ओपीडी, आईपीडी और 24×7 इमरजेंसी सेवाओं में तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की रोस्टर के अनुसार उपस्थिति की नियमित निगरानी होगी.

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित ड्यूटी स्थल पर समय पर उपस्थित रहें. यदि कोई चिकित्सक या कर्मचारी रोस्टर के अनुसार अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसकी सूचना सीधे विभाग को भेजी जाएगी और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

पटना के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तर पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है.

अब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति का अनुश्रवण राज्य स्तर से किया जाएगा. ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करने वाले सभी कर्मियों की नियमित निगरानी होगी.

अनुपस्थित मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई

विभागीय निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि रोस्टर के अनुसार ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहना सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अनिवार्य होगा.

यदि कोई चिकित्सक या कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसकी सूचना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पटना द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी. इसके बाद संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

नई रेफरल व्यवस्था के कारण अस्पतालों में बढ़ सकती है भीड़

स्वास्थ्य विभाग ने रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं.

नई व्यवस्था के तहत मरीजों को केवल विशेष परिस्थितियों में ही बड़े अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में रेफर किया जाएगा. इससे जिला और अनुमंडल स्तर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है. इसलिए 24×7 आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया है.

सदर और अनुमंडल अस्पतालों में बढ़ेगी सुरक्षा

मरीजों की संभावित बढ़ती संख्या और डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल और अनुमंडल अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया गया है.

सिविल सर्जनों को एजेंसी के माध्यम से अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.

Munger News: सिविल सर्जन ने क्या कहा

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक निर्देश प्राप्त हो चुके हैं.

उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को रोस्टर के अनुसार अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही संबंधित एजेंसी को अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए भी कहा गया है.

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लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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