जमालपुर —————————– जमालपुर शहर केशवपुर स्थित गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में मंगलवार को जमालपुर और मुंगेर के सिख समुदाय ने मिलकर बैसाखी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया. जिसमें शहर के सभी धर्म के लोगों ने शिरकत की. सुबह से ही गुरुद्वारे में भाई अयोध्या सिंह के साथ महिला जेटा ने अखंड पाठ के साथ शब्द कीर्तन किया. खालसा पंथ के निशान ””केसरी निशान साहब”” का विधिवत गुरुद्वारा परिसर में पूरे विधि विधान के साथ स्थापना की गई. सचिव बलविंदर सिंह अहलूवालिया ने कहा कि जहां सारे देश में नई फसल की कटाई के रूप में विभिन्न प्रकार के पर्व आज के दिन विभिन्न भागों में मनाया जाता है. वहीं यह ईश्वर को शुक्रिया अदा करने का दिन होता है. आज ही के दिन पंजाबी नए साल की शुरुआत होती है. हिंदी कैलेंडर के अनुसार इस दिन को हमारे सौर नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी जाना जाता है. इस दिन लोग अनाज की पूजा करते हैं. बैसाखी के समय आकाश में विशाखा नक्षत्र होता है. विशाखा नक्षत्र पूर्णिमा में होने के कारण इस माह को बैसाखी कहते हैं. उन्होंने कहा कि सिखों के लिए आज का दिन विशेष महत्व का भी है. क्योंकि आज ही के दिन सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने खालसा पंथ की स्थापना 13 अप्रैल 1699 ईस्वी में की थी. खालसा खाली शब्द से बना है इसका अर्थ शुद्ध पावन या पवित्र होता है. खालसा पंथ की स्थापना के पीछे गुरु गोविंद सिंह का मुख्य लक्ष्य लोगों को तत्कालीन मुगल शासकों के अत्याचारों से मुक्त कर उनके धार्मिक नैतिक और व्यवहारिक जीवन को श्रेष्ठ बनाना था इस पंथ के द्वारा गुरु गोविंद सिंह जी ने लोगों को धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव छोड़कर इसके स्थान पर मानवीय भावनाओं को आपसी संबंधों में महत्व देने की भी दृष्टि दी थी. इस अवसर पर प्रसाद वितरण के साथ लंगर का भी आयोजन किया गया. जिसमें संभव और समरसता की झलक दिखी. इस अवसर पर अध्यक्ष परमजीत सिंह, कोषाध्यक्ष कमलजीत सिंह कर्नल, चंदन सिंह, कुलदीप सिंह गांधी तरनजीत सिंह जसविंदर सिंह अमरजीत सिंह कमलजीत कौर अमरजीत कौर कोमल खुशबू साधना चौक हरजोत कौर कुलजीत कौर सुरेंद्र कॉल मनमीत कौर और निक्की मुख्य रूप से उपस्थित थी.
सिख समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारा में धूमधाम से मनाया बैसाखी का पर्व
ईश्वर को शुक्रिया अदा करने का दिन होता है.
