मुंगेर जिले के असरगंज प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. बाढ़ का पानी अब लोगों के घरों और सड़कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित करने लगा है. बैजलपुर स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. केंद्र के दोनों ओर पानी भर जाने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, वहीं इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों के सामने भी मुश्किल खड़ी हो गई है.
स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर पानी ही पानी
बैजलपुर स्थित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीरें बाढ़ की गंभीर स्थिति को बयां कर रही हैं. स्वास्थ्य केंद्र के आसपास पानी जमा होने से यहां आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है. स्वास्थ्यकर्मियों को केंद्र तक पहुंचने के लिए बाढ़ के पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. वहीं मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं रह गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में परेशानी के कारण मरीजों को समय पर उपचार मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
ढोलपहाड़ी और अमैया की सड़कें डूबीं
असरगंज प्रखंड के चौरगांव, ढोलपहाड़ी और अमैया में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. ढोलपहाड़ी और अमैया जाने वाली सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं. इससे इन इलाकों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. जरूरी काम के लिए बाहर निकलने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो उसे इलाज के लिए दूसरे इलाके में ले जाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
स्वास्थ्य शिविर नहीं लगने से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों के अनुसार अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है. ऐसे में बीमार लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ रहा है. बाढ़ के बीच आवागमन बाधित होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ रही है.
ग्रामीणों ने मुंगेर के जिलाधिकारी और सिविल सर्जन से मांग की है कि बैजलपुर समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि शिविर के माध्यम से चिकित्सक, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी.
लोगों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है, ताकि बाढ़ के दौरान बीमार लोगों को समय पर इलाज मिल सके और किसी गंभीर मरीज को उपचार के लिए दूर जाने की मजबूरी नहीं हो.
