त्योहार समाप्त होते ही सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की लगी भारी भीड़

ओपीडी में डाटा ऑपरेटर ही मरीजों का वाइटल जांच करते दिखे

बुधवार को सुबह 9 से अपराह्न 2 बजे तक ओपीडी में पहुंचे सर्वाधिक 570 मरीज

– लाइन लगने की मारामारी के बीच आभा आईडी से पर्ची कटाना मरीजों के लिये बन रही मुसीबत

मुंगेर

——————–

त्योहार समाप्त होने के बाद बुधवार को मुंगेर सदर अस्पताल के ओपीडी में पूरे दिन मरीजों की भारी भीड़ लगी रही. लेकिन अस्पताल की सुरक्षा और ओपीडी में मरीजों को पंक्तिबद्ध कराने के लिये तैनात सुरक्षाकर्मी बुधवार को ओपीडी में नदारद दिखे. जिसके कारण पर्ची कटाने, वाइटल जांच कराने और दवा लेने में मरीजों की लंबी लाइन के बीच मारामारी की स्थिति बनी रही. हद तो यह रहा कि अपराह्न 12 बजे तक पारामेडिकल स्टूडेंट के चले जाने के बाद ओपीडी में डाटा ऑपरेटर ही मरीजों का वाइटल जांच करते दिखे.

ओपीडी में मरीजों की लगी रही भारी भीड़, सुरक्षाकर्मी दिखे नदारद

दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के बाद अब त्योहारों का मौसम समाप्त हो गया है. वहीं पर्व समाप्त होते ही बुधवार को सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन ओपीडी में मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी परिस्थिति में अस्पताल के संपत्ति की सुरक्षा करने वाले सुरक्षा कर्मी इस दौरान ओपीडी से नदारद दिखे. जिसके कारण ओपीडी के पर्ची काउंटर, वाइटल जांच केंद्र और दवा वितरण केंद्र पर मरीजों की लंबी लाइन लगे रहे. जिसमें मरीजों में पर्ची कटाने से लेकर वाइटल जांच कराने और दवा लेने की होड़ मची रही. वहीं इस दौरान भीड़ में सबसे अधिक परेशान बुजुर्ग और महिलाएं दिखी. अस्पताल में यह हाल तब है, जब प्रत्येक माह अस्पताल प्रबंधन सुरक्षाकर्मियों पर लाखों रूपये खर्च करती है.

सुबह 9 से अपराह्न 2 बजे तक ओपीडी में पहुंचे सर्वाधिक 570 मरीज

बुधवार को ओपीडी में अबतक के सर्वाधिक मरीज पहुंचे. बताया गया कि सुबह 9 बजे से अपराह्न 2 बजे तक सदर अस्पताल के ओपीडी में कुल 570 मरीज इलाज के लिये पहुंचे या यूं कहें कि 570 मरीजों का पर्ची कटा गया. अब ऐसे में जब केवल एक शिफ्ट में 570 मरीज पहुंचे तो अपराह्न 4 से 6 बजे तक दूसरे शिफ्ट में मरीजों की संख्या मिलाकर कुल 680 थी. इसमें सबसे अधिक मरीज पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 12 बजे के बीच पहुंचे. जिसकी संख्या 388 थी. जिससे बुधवार को सदर अस्पताल में मरीजों की भीड़ का अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है.

डाटा ऑपरेटर करते दिखे वाइटल जांच

सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण वैसे ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही. ऐसे में पारामेडिकल स्टूडेंट के भरोसे ही ओपीडी में वाइटल जांच और दवा कांउटर का संचालन होता है, लेकिन ओपीडी में मरीजों के लिये मुसीबत तब बढ़ गई है, जब अपराह्न 12 बजे तक पारामेडिकल स्टूडेंट अपना हॉस्टल लौट जाते हैं. जिसके बाद मरीजों का वाइटल जांच डाटा ऑपरेटरों के भरोसे ही होता रहा.

कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों की कमी और पारामेडिकल स्टूडेंट के नहीं होने पर ही डाटा ऑपरेटरों द्वारा वाइटल जांच किया जाता है. जिसमें मॉनिटर के रीडिंग को भाव्या पर अपलोड किया जाता है. जिससे कोई परेशानी नहीं होती है. हलांकि यदि ओपीडी में सुरक्षाकर्मी नहीं थे तो इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

———————————————-बॉक्स

———————————————

आभा आईडी से पर्ची कटाना मरीजों के लिये बन रही मुसीबत

मुंगेर – सदर अस्पताल में बदहाल व्यवस्था के बीच ओपीडी में पर्ची कटाना मरीजों के लिये सबसे बड़ी मुसीबत बन गयी है. बता दें कि लगभग दो साल से सदर अस्पताल में अब मरीजों का पर्ची ऑनलाइन भव्या एप द्वारा ही काटा जाता है. जिसके लिये मरीजों को आभा एप पर आईडी बनाकर उसपर आये ओटीपी से पर्ची कटाना पड़ता है, लेकिन मॉडल अस्पताल के नये भवन में मोबाइल नेटवर्क सही से नहीं आने के कारण मरीजों को पर्ची कटाने में ही लगभग आधे घंटे का समय लग जाता है. कई मरीजों ने बताया कि पर्ची कटाने के लिये आभा आईडी बना भी लें तो ओटीपी के लिये मोबाइल लेकर बाहर खड़ा रहना पड़ता है. कई बार तो दो-तीन बार प्रयास करने के बाद ही ओपीटी आता है. जिससे पर्ची कटाने में ही उनका आधा समय चला जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >