झारखंड के गिरिडीह में मुंगेर के हथियार कारोबारियों की गिरफ्तारी से हुआ खुलासा, प्रतिनिधि, मुंगेर. अवैध हथियार निर्माण के लिए देश भर में प्रसिद्ध मुंगेर के हथियार कारोबारी अब दूसरे प्रदेश में जाकर आर्म्स का निर्माण व तस्करी कर रहे हैं. बिहार से सटे झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के इलाके को इन कारोबारियों ने अपना ठिकाना बनाया है. रविवार को झारखंड के गिरिडीह में पश्चिम बंगाल एसटीएफ व रांची एटीएस ने जमुआ थाना क्षेत्र के चपरियामो गांव में छापेमारी कर न सिर्फ मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया, बल्कि हथियार कारीगरों को गिरफ्तार किया. जिसमें 5 मुंगेर का रहने वाला है.
हजरतगंज का कारोबारी झारखंड में चला रहा मिनीगन फैक्टरी
मुंगेर शहर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हजरतगंज का रहने वाला मो खलील अहमद का 30 वर्षीय पुत्र मो इमरान, स्व. मो असलम का 29 वर्षीय पुत्र मो सोनू, मो. अयूब का 46 वर्षीय पुत्र मो. शकील, मो साह आलम का 31 वर्षीरू पुत्र मो अफरोज को पुलिस ने झारखंड के गिरिडीह में अवैध आर्म्स बनाते गिरफ्तार किया है. हजरतगंज बाड़ा में 20 से अधिक गली है. जो पहले से ही अवैध हथियार निर्माण व तस्करी का केंद्र रहा है. यहां तहखाने में हथियार निर्माण के कारोबार का भी खुलासा हुआ था. वहीं कई लेथ मशीन संचालकों को भी हथियार बनाते पकड़ा गया था. पिछले पांच-छह वर्ष से निर्माण के साथ ही यहां अर्धनिर्मित हथियारों को कुशल कारीगरों द्वारा फिनिसिंग देने का काम किया जा रहा है. गिरिडीह में जब पुलिस ने हजरतगंजवाड़ा के चार हथियार कारीगरों को पकड़ा तो उसने वहां के पुलिस को बताया कि वह यहां से निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार को मुंगेर भेजता था. पिछले महीने भी मुंगेर के सलीम को 40 पिस्टल दिया था. जबकि पिस्टल बॉडी तैयार कर हजरतगंज में तस्करी कर लाया जाता है और वहां पर उसे फिनिसिंग दिया है.
2018 में फिनिंगस सेंटर के रूप में हजरतगंज का हुआ था खुलासा
मई 2018 में पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पिस्टल बॉडी लेकर मुंगेर आ रहे चार हथियार तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके पास से पुलिस ने 80 पिस्टल बॉडी बरामद किया था. पुलिस ने जिन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था. उसमें कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हजरतगंज वाड़ा निवासी मो. नसीम का बेटा मो. इरफान, मो भंजु का बेटा मो. इम्तियाज, जमालपुर थाना क्षेत्र के सदर बाजार निवासी मो. स्व. मेराज कुरैशी का बेटा मो. मुख्तार एवं नयारामनगर थाना क्षेत्र के पड़हम निवासी मो असलम का पुत्र मो नसीम शामिल था. जो कोलकाता में हथियार बॉडी तैयार कर वहां से हजरतगंज वाड़ा लाकर उसको फिनिसिंग टच दिलवाने वाला था. उसी समय यह खुलासा हुआ था कि बॉडी दूसरे प्रदेश में तैयार कर यहां हथियारों को फिनिसिंग टच दिया जाता है.
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———-2008 में हजरतगंज में हुई थी मुंगेर पुलिस की बड़ी रेड
मुंगेर. 2008 में तत्कालीन एसपी एम सूनील नायक के नेतृत्व में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के हजरतगंज में बड़ी रेड हुई थी. जहां पर लेथ मशीन की आड़ में बड़े पैमाने पर हथियारों का निर्माण हो रहा था. पुलिस ने कुल 13 लेथ मशीन को जब्त किया था. इसमें अधिकांश लेथ मशीन तहखाने में चल रहा था. 100 से अधिक तैयार हथियार और 200 से अधिक अर्धनिर्मित हथियार बरामद हुआ था. उसी रेड के बाद यहां मिनीगन फैक्टरी संचालन को कुछ हद तक विराम लगा था. इसके बाद यहां के हथियार तस्कर व कारोबारी दूसरे जिले व राज्यों में जाकर हथियार बनाने का कारोबार शुरू किया. बाद के दिनों में हजरतगंज को उनलोगों ने फिनिसिंग सेंटर बना दिया. जो अब भी जारी है.B
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